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फिरोजाबाद: पंचायत चुनाव में करोड़ों के जाली नोट खपाने की थी तैयारी, सरगना सहित पांच गिरफ्तार
Fri, 12 Mar 2021 12:02 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 12 Mar 2021 12:02 AM IST
सार
- शिकोहाबाद के एक मकान में बनाए जा रहे थे जाली नोट
- दिल्ली का रहने वाला है गिरोह का सरगना, 13 मुकदमे हैं दर्ज,
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फिरोजाबाद जनपद में एक लाख 92 हजार रुपये के नकली नोट के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के मामले का गुरुवार को खुलासा किया है। पुलिस ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सुहागनगरी में नकली नोट छापने के कारोबार को अंजाम देने की योजना जिला कारागार में बनाई गई थी। जेल से छूटकर आए आरोपियों ने नोट छापने की फैक्टरी शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी में पार्क के सामने लगाई थी।
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नकली नोट के कारोबार का खुलासा करते हुए एसएसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य आरोपी तजेंद्र उर्फ काका निवासी ब्लॉक नंबर नौ मोतीनगर, नई दिल्ली का निवासी है। वह इस कारोबार को अपने साथियों के साथ अंजाम देते था। वह मूल रुप से पंजाब का निवासी है। वर्ष 2017 में दक्षिण पुलिस ने तजेंद्र को नकली नोट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहां उसकी मुलाकात हत्या के अरोप में बंद संतोष उर्फ सलीम निवासी आवगंगा ओमनगर शिकोहाबाद से हुई।
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यहां दोनों ने नकली नोट छापने की योजना बनाई थी। तजेंद्र लॉकडाउन से पूर्व जेल से रिहा हो गया था। उसके बाद उसने संतोष से मुलाकात कर नकली नोट छापने की मशीन लगाई। तजेंद्र नोट छापता था। संतोष उसे चलाने का काम करता था। दीपक उर्फ गुड्डू निवासी हीरानगर शिकोहाबाद व जितेंद्र निवासी मैनपुरी चौराहा ओम नगर नोटों की सप्लाई करते थे। जितेंद्र, दिलीप और दीपक की मुलाकात तजेंद्र से संतोष ने कराई थी। शिकोहाबाद पुलिस ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। पूरे मामले का खुलासा करने वाले कोतवाल सुनील कुमार तोमर व उपनिरीक्षक नितिन कुमार त्यागी को 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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मुस्लिम युवती से शादी के बाद संतोष बन गया था सलीम
संतोष मूलरुप से शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला ओमनगर का निवासी है। वह फल की ठेल लगाता था। संतोष ने मुस्लिम युवती से शादी की थी। इसके बाद वह संतोष से सलीम बन गया था।
एक माह में छाप दी साढ़े तीन लाख की करेंसी
तजेंद्र ने अपने साथियों के साथ पिछले एक माह में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक की करेंसी छाप दी। इसमें से पुलिस ने एक लाख 92 हजार रुपये के जाली नोट बरामद कर लिए हैं। शेष बचे सौ के नोट की जाली करेंसी बाजार में चल रही है। एसएसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि इस करेंसी का प्रयोग पंचायत चुनाव में किया जाना था। उन्होंने बताया कि नोट छापने के लिए पदम जी पेपर का प्रयोग किया जाता था। तार के लिए गिफ्ट पेपर का प्रयोग होता था।
वर्ष 2000 में किया था अपराध जगत में प्रवेश
तजेंद्र ने वर्ष 2000 में अपराध जगत में प्रवेश करने के साथ ही पहली बार जेल गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसने नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। 2006 में थाना कमला मार्केट व वर्ष 2012 में दिल्ली के विजय विहार थाना क्षेत्र से जेल गया था। वर्ष 2017 में पुलिस ने नकली नोट छापने के आरोप में उसे जेल भेजा। जेल से आने के बाद फिर से नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। उस पर कुल 15 मुकदमें दर्ज हैं। दिल्ली में उसके खिलाफ 14 मुकदमे है। तजेंद्र की शादी मैनपुरी से तय हुई थी। एसएसपी ने बताया कि तजेंद्र के गैंग को पंजीकृत करते हुए गैंगस्टर के साथ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी।
संतोष मूलरुप से शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला ओमनगर का निवासी है। वह फल की ठेल लगाता था। संतोष ने मुस्लिम युवती से शादी की थी। इसके बाद वह संतोष से सलीम बन गया था।
एक माह में छाप दी साढ़े तीन लाख की करेंसी
तजेंद्र ने अपने साथियों के साथ पिछले एक माह में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक की करेंसी छाप दी। इसमें से पुलिस ने एक लाख 92 हजार रुपये के जाली नोट बरामद कर लिए हैं। शेष बचे सौ के नोट की जाली करेंसी बाजार में चल रही है। एसएसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि इस करेंसी का प्रयोग पंचायत चुनाव में किया जाना था। उन्होंने बताया कि नोट छापने के लिए पदम जी पेपर का प्रयोग किया जाता था। तार के लिए गिफ्ट पेपर का प्रयोग होता था।
वर्ष 2000 में किया था अपराध जगत में प्रवेश
तजेंद्र ने वर्ष 2000 में अपराध जगत में प्रवेश करने के साथ ही पहली बार जेल गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसने नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। 2006 में थाना कमला मार्केट व वर्ष 2012 में दिल्ली के विजय विहार थाना क्षेत्र से जेल गया था। वर्ष 2017 में पुलिस ने नकली नोट छापने के आरोप में उसे जेल भेजा। जेल से आने के बाद फिर से नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। उस पर कुल 15 मुकदमें दर्ज हैं। दिल्ली में उसके खिलाफ 14 मुकदमे है। तजेंद्र की शादी मैनपुरी से तय हुई थी। एसएसपी ने बताया कि तजेंद्र के गैंग को पंजीकृत करते हुए गैंगस्टर के साथ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी।