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तेंदुआ समझकर ग्रामीणों ने खेत में डाला डेरा, कुछ देर के बाद बाहर निकला ये जानवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Wed, 21 Feb 2018 05:26 PM IST
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तेंदुए की तलाश में ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
यूपी में फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित ग्रामीण इलाके में बुधवार सुबह एक लकड़बग्घा को ग्रामीणों ने तेंदुआ समझ कर उसका पीछा किया और उसे बंदूक, लाठी-डंडा, फरसा और बल्लम लेकर एक सरसों के खेत में घेर लिया।
लगभग दो घंटे बाद पहुंचे सिरसागंज उप जिलाधिकारी ने वहां मौजूद युवकों के साथ सरसों खेत में घुसकर तलाश शुरू की तो लकड़बग्घा खेत से निकलकर भागा। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
विगत कुछ दिनों से सिरसागंज क्षेत्र के गांव कटौरा डंडियामई व रजौरा आदि गांवों में जंगली जानवरों का आतंक छाया हुआ है। बुधवार सुबह एक लकड़बग्घा को देख ग्रामीण हैरान रह गए।
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लगभग दो घंटे बाद पहुंचे सिरसागंज उप जिलाधिकारी ने वहां मौजूद युवकों के साथ सरसों खेत में घुसकर तलाश शुरू की तो लकड़बग्घा खेत से निकलकर भागा। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
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विगत कुछ दिनों से सिरसागंज क्षेत्र के गांव कटौरा डंडियामई व रजौरा आदि गांवों में जंगली जानवरों का आतंक छाया हुआ है। बुधवार सुबह एक लकड़बग्घा को देख ग्रामीण हैरान रह गए।
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ग्रामीणों ने लकड़बग्घा को तेंदुआ समझ कर उसका पीछा किया। भारी संख्या में ग्रामीण युवा एकत्रित होकर हाथों में लाठी, डंडा, बंदूक, फरसा और बल्लम लेकर उसका पीछा करने लगे। जान बचाकर भागे लकड़बग्घा एक घने सरसों के खेत में छिप गया।
इसके बाद ग्रामीणों ने सरसों के खेत को चारों तरफ से घेर लिया। वन विभाग को सूचना दी गई। लगभग दो घंटे बाद जब एसडीएम सिरसागंज चंद्रभानु मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए सरसों के खेत में घुस गए।
उनके साथ ग्रामीण युवा भी तेंदुआ की तलाश करने लगे। लोगों को देख लकड़बग्घा खेत से भाग निकला। जंगली जानवर के खेत से भागते ही ग्रामीण युवा उसके पीछे दौड़ पड़े। काफी प्रयास के बाद भी लोग उसे नहीं पकड़ सके।
इसके बाद ग्रामीणों ने सरसों के खेत को चारों तरफ से घेर लिया। वन विभाग को सूचना दी गई। लगभग दो घंटे बाद जब एसडीएम सिरसागंज चंद्रभानु मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए सरसों के खेत में घुस गए।
उनके साथ ग्रामीण युवा भी तेंदुआ की तलाश करने लगे। लोगों को देख लकड़बग्घा खेत से भाग निकला। जंगली जानवर के खेत से भागते ही ग्रामीण युवा उसके पीछे दौड़ पड़े। काफी प्रयास के बाद भी लोग उसे नहीं पकड़ सके।
वन विभाग की लापरवाही पर रोष
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस सूचना दी थी। पुलिस ने वन विभाग को फोन कर बताया लेकिन वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी समय से मौके पर पहुंच जाते तोलकड़बग्घा को पकड़ा जा सकता था। वन विभाग के देरी से पहुंचने की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम सिरसागंज से भी की।
तेंदुआ होता तो वह ग्रामीणों पर हमला कर सकता था। लेकिन देरी से भी पहुंची वन विभाग की टीम खाली हाथ थी। उनके पास तेंदुआ को पकड़ने के लिए कोई साधन नहीं था। ऐसे में अगर खूंखार जानवर होता, तो कैसे काबू किया जाता।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी समय से मौके पर पहुंच जाते तोलकड़बग्घा को पकड़ा जा सकता था। वन विभाग के देरी से पहुंचने की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम सिरसागंज से भी की।
तेंदुआ होता तो वह ग्रामीणों पर हमला कर सकता था। लेकिन देरी से भी पहुंची वन विभाग की टीम खाली हाथ थी। उनके पास तेंदुआ को पकड़ने के लिए कोई साधन नहीं था। ऐसे में अगर खूंखार जानवर होता, तो कैसे काबू किया जाता।