मथुरा: गोवर्धन पर्वत क्षेत्र में दो जगहों पर कूड़े में लगाई गई आग, एनजीटी के आदेश धुएं में उड़ा
गोवर्धन क्षेत्र ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में शामिल है। इसके तहत गिरिराज पर्वत क्षेत्र में जेनरेटर, कूड़े के ढेरों में आग, पेड़ों का कटान आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
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मथुरा के गोवर्धन में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। गिरिराज पर्वत क्षेत्र में शुक्रवार रात को सघन वृक्षों के बीच अलग-अलग दो स्थानों पर कूड़ा इकट्ठा कर आग लगा दी गई। आग इतनी तेज थी कि लपटों से छोटे पेड़ जल गए। परिक्रमा मार्ग पर धुएं के गुबार छा गए। इससे परिक्रमार्थी को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारियों ने किसी तरह आग बुझाई।
टीटीजेड में शामिल है गोवर्धन
गोवर्धन क्षेत्र को एनजीटी के आदेश पर ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में शामिल किया गया था। इस आदेश के तहत गिरिराज पर्वत क्षेत्र में जेनरेटर, कूड़े के ढेरों में आग, पेड़ों का कटान आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद शुक्रवार रात को गिरिराज पर्वत क्षेत्र में दो अलग-अलग जगहों पर कूड़ा इकट्ठा कर आग लगाई गई।
गिरिराज परिक्रमा में संत निवास से बागड़ी प्याऊ तक धुएं के गुबार छा गए। इसकी सूचना वन प्रभागीय प्रभाकांत पांडेय को दी गई, उनके हस्तक्षेप के बाद वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों के सहयोग से आग पर काबू पाया। छोटे-छोटे पेड़ आग की लपटों से जल गए।
वन क्षेत्राधिकारी ने कहा- जांच कराएंगे
गिरिराज पर्वत क्षेत्र में कटीली झाड़ियों को हटाकर वन विभाग मजदूरों से सफाई कराकर हरी घास और पेड़ लगाकर देखरेख करा रहा है। मजदूर कूड़े को डंपिंग ग्राउंड में डालने की बजाय पर्वत किनारे इकट्ठा कर चोरी छिपे आग के हवाले कर देते हैं। इस पर वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार से बात की गई तो उन्होंने ने बताया कि कूड़े के ढेरों में किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगाई है। इसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे।