फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Fire breaks out in chemical warehouse of SN Hospital panic due to explosions

UP: एसएन अस्पताल के केमिकल गोदाम में लगी आग, धमाकों से दहशत

Fri, 29 Dec 2023 01:27 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 29 Dec 2023 01:27 PM IST
सार

एसएन अस्पताल में सात मंजिला बिल्डिंग के पास जेसीबी मशीन से बिल्डिंग तोड़ी जा रही थी। उसी दौरान केमिकल के गोदाम में आग लग गई। केमिकल की बोतल फटने से अफरा तफरी मच गई।

विज्ञापन
Fire breaks out in chemical warehouse of SN Hospital panic due to explosions
एसएन अस्पताल के केमिकल गोदाम में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसएन मेडिकल कॉलेज में जर्जर हो चुके केमिकल रखे गोदाम को ढहाते समय शुक्रवार को जार और बोतलें फटने से आग लग गई। एक के बाद एक 50 से अधिक धमाके हुए। इससे मरीज, तीमारदार के साथ कर्मचारी और चिकित्सक भी डर गए। कुछ कर्मचारियों ने अग्निशमन उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। दमकल के साथ फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर सवा घंटे में आग पर काबू पा लिया।
विज्ञापन


एसएन मेडिकल कॉलेज में पीपल वाले गेट के पास 10 साल पहले एक भवन में न्यूक्लियर मेडिसिन यूनिट संचालित होती थी। बाद में मधुमेह और थायराइड के मरीजों की ओपीडी भी चलने लगी। इसमें रसायन (केमिकल) गोदाम भी हुआ करता था। भवन जर्जर होने की वजह से बुलडोजर से ढहाने का कार्य पिछले कई महीने से चल रहा है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे बुलडोजर से मजदूर कार्य कर रहे थे। गोदाम की दीवार अचानक गिरने के दौरान ज्वलनशील रसायन के जारों पर मलबा गिर गया। इससे आग भड़क गई।
विज्ञापन


रसायन भरे जार तेज धमाकों के साथ फटने लगे। नजदीक ही सात मंजिला बिल्डिंग है। सूचना पर कर्मचारी अग्निशमन उपकरण के साथ पहुंचे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक के बाद एक धमाके हो रहे थे। सूचना पर दमकल भी पहुंच गई। तकरीबन सवा घंटे में आग पर काबू पा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


10 साल से बंद पड़ा है गोदाम
प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि तकरीबन 35 साल पहले रसायन स्टोर के लिए गोदाम बनाया गया था। यह 10 साल से बंद पड़ा है। भवन जर्जर होने की वजह से ढहाया जा रहा है। अलमारियों में कुछ जगह पर एक्सपायर रसायन के जार रखे हुए थे। इनमें ज्वलनशील रसायन भी था। दीवार ढहाने के दौरान आग लग गई, जिसे समय रहते काबू कर लिया गया।




आबादी वाले इलाकों में केमिकल के गोदाम
शहर में रसायन के गोदाम कई बार अग्निकांड करा चुके हैं। डेढ़ साल पहले छीपी टोला सब्जी मंडी में अग्निकांड हुआ था। रसायन के गोदाम में आग लगी थी। एक युवक जिंदा जल गया था। 6 महीने पहले मंटोला स्थित जूते के रसायन के गोदाम में आग लगी थी। इसके बाद नाई की मंडी के सदर भट्ठी में गोदाम में अग्निकांड हुआ था। कई वाहन जल गए थे। भीड़भाड़ और आबादी क्षेत्र में कई रसायन गोदाम संचालित हो रहे हैं। पुलिस कुछ दिन अभियान चलाती है। इसके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ जाती है।


मेडिकल कॉलेज में कई बार आग से हुआ नुकसान
एसएन मेडिकल कॉलेज में आग लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। दो साल पहले एसएन की नई सर्जरी वाली बिल्डिंग के बेसमेंट में रखे कबाड़ में आग लगी थी। धुआं डक्ट से ऊपर के फ्लोर पर पहुंच गया था। इससे अफरातफरी मच गई थी। मरीजों को बाहर निकालना पड़ा था। दमकल ने आग बुझाई थी। इसी तरह हाल ही में नेत्र रोग विभाग के एक कार्यालय में आग लग गई थी। इसमें लाखों की मशीन जलने से खराब हो गई थीं।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज के गोदाम में कांच की बोतलों में स्प्रिट रखा हुआ था। ज्वलनशील होने की वजह से आग पकड़ ली थी। सूचना पर दमकल पहुंची थी। आग पर समय रहते काबू कर लिया गया। इसमें किसी तरह की जनहानि और नुकसान नहीं हुआ है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed