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आगरा: बर्खास्त फर्जी शिक्षकों की और बढ़ेंगी मुसीबत, सात दिन में दर्ज होगी एफआईआर
Wed, 10 Mar 2021 11:33 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 10 Mar 2021 11:33 AM IST
सार
- 168 परिषदीय शिक्षकों को बर्खास्त किया है
- 15 ब्लाकों के शिक्षक बर्खास्त हुए हैं
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Fake Teacher
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 का फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले जिन 168 परिषदीय शिक्षकों को बर्खास्त किया है, उनके खिलाफ अभी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को सूची भेजकर एक हफ्ते के अंदर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तीन मार्च को बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। चार मार्च को रजिस्टर्ड डाक से संबंधित बर्खास्त शिक्षकों को पत्र भेजा। खंड शिक्षा अधिकारियों को संबंधित ब्लाकों के बर्खास्त शिक्षकों की सूची उपलब्ध करा दी गई। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर हफ्ते भर के अंदर बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए।
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एक भी खंड शिक्षा अधिकारी ने इस दिशा में कदम नहीं बढ़ाया है। जबकि नगर क्षेत्र को छोड़कर सभी 15 ब्लाकों के शिक्षक बर्खास्त हुए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारियों को रिमाइंडर भेज दिया गया है। तीन दिन में एफआईआर दर्ज कराकर रिपोर्ट कार्यालय में देने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेज दी जाएगी।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तीन मार्च को बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। चार मार्च को रजिस्टर्ड डाक से संबंधित बर्खास्त शिक्षकों को पत्र भेजा। खंड शिक्षा अधिकारियों को संबंधित ब्लाकों के बर्खास्त शिक्षकों की सूची उपलब्ध करा दी गई। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर हफ्ते भर के अंदर बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए।
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जिले में एसआईटी की सूची के आधार पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी व टेंपर्ड प्रमाणपत्र लगाने वाले कुल 249 शिक्षक चिह्नित किए गए थे। इनमें से 195 शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र और 54 टेंपर्ड प्रमाणपत्र वाले थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सात फरवरी, 2020 को 2823 अभ्यर्थियों को फर्जी घोषित किया गया।
विश्वविद्यालय की सूची से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चिह्नित शिक्षकों के नामों का मिलान किया गया। 24 शिक्षकों के नाम दोनों सूचियों में पाए गए, इनकी 12 मई, 2020 में इनकी सेवा समाप्त कर दी गई। उनके खिलाफ एक जुलाई, 2020 को शाहगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज करा दी गई थी।
जिले के 171 शिक्षक बचे थे, इनका नाम 2823 फर्जी घोषित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना पक्ष रखने वाले 814 अभ्यर्थियों में से दो को छोड़कर बाकी 812 को 29 जुलाई को फर्जी घोषित कर दिया था। 26 फरवरी, 2021 को जारी हाईकोर्ट के आदेश के साथ विश्वविद्यालय की ओर से दूसरे चरण में फर्जी घोषित किए गए 812 अभ्यर्थियों की सूची भी संलग्न थी। इस सूची से मिलान करने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी।
विश्वविद्यालय की सूची से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चिह्नित शिक्षकों के नामों का मिलान किया गया। 24 शिक्षकों के नाम दोनों सूचियों में पाए गए, इनकी 12 मई, 2020 में इनकी सेवा समाप्त कर दी गई। उनके खिलाफ एक जुलाई, 2020 को शाहगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज करा दी गई थी।
जिले के 171 शिक्षक बचे थे, इनका नाम 2823 फर्जी घोषित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना पक्ष रखने वाले 814 अभ्यर्थियों में से दो को छोड़कर बाकी 812 को 29 जुलाई को फर्जी घोषित कर दिया था। 26 फरवरी, 2021 को जारी हाईकोर्ट के आदेश के साथ विश्वविद्यालय की ओर से दूसरे चरण में फर्जी घोषित किए गए 812 अभ्यर्थियों की सूची भी संलग्न थी। इस सूची से मिलान करने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी।