{"_id":"6abad843ec57d2624b04d79f","slug":"fir-registered-against-three-individuals-including-a-builder-and-an-architect-for-getting-a-building-plan-approved-using-forged-documents-agra-news-c-25-1-agr1067-1171734-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: कूटरचित दस्तावेज से नक्शा पास कराने पर बिल्डर, आर्किटेक्ट समेत तीन पर प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: कूटरचित दस्तावेज से नक्शा पास कराने पर बिल्डर, आर्किटेक्ट समेत तीन पर प्राथमिकी
विज्ञापन
आगरा। कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज बनाकर और उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर नक्शा स्वीकृत कराने के बाद सरकारी जमीन पर निर्माण करने के मामले में पुलिस ने एडीए की नगर नियोजक ऋचा कौशिक की तहरीर पर बिल्डर, आर्किटेक्ट समेत तीन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही एडीए प्रशासन ने अब अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एडीए वीसी विजय कुमार ने बताया कि आरोपियों ने जिस तरह साजिश कर दस्तावेज तैयार किए और उनका इस्तेमाल कर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया। उससे साफ है कि उन्हें सरकारी जमीन की जानकारी थी और उन्होंने जानबूझकर अवैध निर्माण किया। ऐसे में रिहायशी प्रयोग के लिए नक्शा पास कराने के बाद बनाई गई व्यावसायिक इमारत को गिराया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
बता दें, गुड़ की मंडी, हनुमान गली स्थित प्लॉट संख्या 14/265, 14/266 (भाग), 14/270 और 14/267 पर मानचित्र स्वीकृति के लिए लोहामंडी निवासी मालती शर्मा ने अपने आर्किटेक्ट व इंजीनियर शाहगंज निवासी गोविंद सिंह के माध्यम से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन में तहसील सदर, नगर निगम, जलकल और नजूल विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) संलग्न की गई थीं, जिनके आधार पर जुलाई 2025 में नक्शा स्वीकृत कर दिया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम मनीष बंसल ने एडीएम प्रोटोकॉल व एडीए सचिव को जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) व प्रभारी अधिकारी (नजूल) की ओर से जारी मूल एनओसी के तथ्यों में हेरफेर किया गया था। मूल दस्तावेज में अंकित राजकीय आस्थान वाक्य को हटाकर आरोपियों ने कूटरचित एनओसी तैयार की और उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इसी के बाद डीएम ने प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए थे। अब लोहामंडी पुलिस ने मालती शर्मा, अहमदाबाद (गुजरात) निवासी शर्मा विष्णु कुमार शिवलाल और इंजीनियर गोविंद सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
एडीए वीसी विजय कुमार ने बताया कि आरोपियों ने जिस तरह साजिश कर दस्तावेज तैयार किए और उनका इस्तेमाल कर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया। उससे साफ है कि उन्हें सरकारी जमीन की जानकारी थी और उन्होंने जानबूझकर अवैध निर्माण किया। ऐसे में रिहायशी प्रयोग के लिए नक्शा पास कराने के बाद बनाई गई व्यावसायिक इमारत को गिराया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
बता दें, गुड़ की मंडी, हनुमान गली स्थित प्लॉट संख्या 14/265, 14/266 (भाग), 14/270 और 14/267 पर मानचित्र स्वीकृति के लिए लोहामंडी निवासी मालती शर्मा ने अपने आर्किटेक्ट व इंजीनियर शाहगंज निवासी गोविंद सिंह के माध्यम से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन में तहसील सदर, नगर निगम, जलकल और नजूल विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) संलग्न की गई थीं, जिनके आधार पर जुलाई 2025 में नक्शा स्वीकृत कर दिया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम मनीष बंसल ने एडीएम प्रोटोकॉल व एडीए सचिव को जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) व प्रभारी अधिकारी (नजूल) की ओर से जारी मूल एनओसी के तथ्यों में हेरफेर किया गया था। मूल दस्तावेज में अंकित राजकीय आस्थान वाक्य को हटाकर आरोपियों ने कूटरचित एनओसी तैयार की और उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इसी के बाद डीएम ने प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए थे। अब लोहामंडी पुलिस ने मालती शर्मा, अहमदाबाद (गुजरात) निवासी शर्मा विष्णु कुमार शिवलाल और इंजीनियर गोविंद सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।