{"_id":"5a54c4584f1c1b3e198b5c56","slug":"fir-can-be-lodged-at-asha-jyoti-center","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एफआईआर के लिए महिलाओं नहीं जाना होगा थाने, यहां दर्ज करा सकेंगी केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एफआईआर के लिए महिलाओं नहीं जाना होगा थाने, यहां दर्ज करा सकेंगी केस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 09 Jan 2018 07:02 PM IST
विज्ञापन
Women police Station
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश सरकार की पहल के मद्देनजर आशा ज्योति केंद्र में शिकायत लेकर आने वाली पीड़ित महिलाएं जल्द ही वहां एफआईआर भी दर्ज करा सकेंगी। आनलाइन एफआईआर की भी सुविधा उन्हें मिलेगी।
एडीजी टेक्निकल सर्विस ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के तहत प्रदेश के सभी 17 आशा ज्योति केंद्रों को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
जिला महिला अस्पताल में स्थित आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र में घरेलू हिंसा, बलात्कार, गुमशुदा, दुर्घटना, छेड़छाड़ पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे चिकित्सा, कानून, पुनर्वास आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। अभी तक यहां एफआईआर दर्ज नहीं होती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीजी टेक्निकल सर्विस ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के तहत प्रदेश के सभी 17 आशा ज्योति केंद्रों को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में स्थित आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र में घरेलू हिंसा, बलात्कार, गुमशुदा, दुर्घटना, छेड़छाड़ पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे चिकित्सा, कानून, पुनर्वास आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। अभी तक यहां एफआईआर दर्ज नहीं होती थी।
विज्ञापन
जल्द मिलेगी ये सुविधा
इसके लिए पीड़िता को महिला थाने की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन अब आशा ज्योति केंद्रों की सुविधाओं की कड़ी में एक नई व्यवस्था जुड़ने जा रही है। गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर मार्च 2016 जिला महिला अस्पताल में आशा ज्योति केंद्र खोला गया था।
2017 में इसे नई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया। वर्तमान में यहां एक एसआई, तीन महिला कांस्टेबल, होमगार्ड और काउंसलर्स, वकील, डाक्टर आदि तैनात हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी लवकुश भार्गव ने बताया कि इस संबंध में शासन की ओर से जानकारी मिली है। जल्द ही पीड़िताओं को एफआईआर कराने की सुविधा भी केंद्र पर ही मिलेगी।
2017 में इसे नई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया। वर्तमान में यहां एक एसआई, तीन महिला कांस्टेबल, होमगार्ड और काउंसलर्स, वकील, डाक्टर आदि तैनात हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी लवकुश भार्गव ने बताया कि इस संबंध में शासन की ओर से जानकारी मिली है। जल्द ही पीड़िताओं को एफआईआर कराने की सुविधा भी केंद्र पर ही मिलेगी।