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ITR: 31 जुलाई से पहले भर दें आयकर रिटर्न, ये सात गलतियां पड़ सकती हैं भारी; लग सकता है जुर्माना
Wed, 01 Jul 2026 10:07 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 01 Jul 2026 10:07 AM IST
सार
आयकर विशेषज्ञों ने 31 जुलाई से पहले ITR दाखिल करने और बिना सबूत डिडक्शन क्लेम, डेटा मिसमैच जैसी गलतियों से बचने की सलाह दी है। समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है, जबकि 5 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए लेट फीस 1,000 रुपये है।
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आयकर रिटर्न वित्तीय वर्ष 2026-27
- फोटो : संवाद
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विस्तार
इस माह 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। फॉर्म 16 मिलने के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करने के दौरान कई गलतियां हो जाती हैं। टैक्स विशेषज्ञों ने इन गलतियों से बचने की सलाह दी है। बिना सबूत डिडक्शन क्लेम करने और डेटा मिसमैच के साथ दोहराव न करने की सलाह दी है।
टैक्स एक्सपर्ट दीपक माहेश्वरी ने बताया कि आयकर रिटर्न की स्क्रूटनी सख्त हो गई है। जून में वेतनभोगी लोगों को फॉर्म-16 मिलता है, इसलिए 31 जुलाई का इंतज़ार करने के बजाय जल्दी रिटर्न फाइल करना बेहतर है, इससे डेडलाइन के पास ई-फाइलिंग पोर्टल पर आने वाली तकनीकी गड़बड़ियों और आखिरी समय की गलतियों से बचा जा सकता है।
देरी पर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। 5 लाख से कम आय पर लेट फीस एक हजार रुपये है। संशोधित आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2027 है। उन्होंने कहा कि 25 लाख रुपये कमाने वालों के लिए पुरानी व्यवस्था फायदेमंद है, जब कटौती चार लाख की हो। वेतनभोगी टैक्सपेयर हर साल दो रिजीम के बीच स्विच कर सकते हैं।
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टैक्स विशेषज्ञ अग्रिम माहेश्वरी और हार्दिक माहेश्वरी ने बताया कि डोनेशन-संबंधी डिडक्शन क्लेम करने वालों को अब सेक्शन 80 जी के तहत ट्रांजेक्शन रेफरेंस नंबर और राजनीतिक पार्टी का नाम/पैन जैसी अतिरिक्त जानकारी देनी होगी।
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टैक्स एक्सपर्ट दीपक माहेश्वरी ने बताया कि आयकर रिटर्न की स्क्रूटनी सख्त हो गई है। जून में वेतनभोगी लोगों को फॉर्म-16 मिलता है, इसलिए 31 जुलाई का इंतज़ार करने के बजाय जल्दी रिटर्न फाइल करना बेहतर है, इससे डेडलाइन के पास ई-फाइलिंग पोर्टल पर आने वाली तकनीकी गड़बड़ियों और आखिरी समय की गलतियों से बचा जा सकता है।
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देरी पर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। 5 लाख से कम आय पर लेट फीस एक हजार रुपये है। संशोधित आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2027 है। उन्होंने कहा कि 25 लाख रुपये कमाने वालों के लिए पुरानी व्यवस्था फायदेमंद है, जब कटौती चार लाख की हो। वेतनभोगी टैक्सपेयर हर साल दो रिजीम के बीच स्विच कर सकते हैं।
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टैक्स विशेषज्ञ अग्रिम माहेश्वरी और हार्दिक माहेश्वरी ने बताया कि डोनेशन-संबंधी डिडक्शन क्लेम करने वालों को अब सेक्शन 80 जी के तहत ट्रांजेक्शन रेफरेंस नंबर और राजनीतिक पार्टी का नाम/पैन जैसी अतिरिक्त जानकारी देनी होगी।