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मौसम की मार से जिले में बच्चे हो रहे बीमार
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मैनपुरी। मौसम में परिवर्तन के साथ ही खांसी, जुकाम, निमोनिया और अस्थमा के मरीज बढ़ने लगे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में 752 मरोजों ने उपचार करवाया। इनमें 125 बच्चे शामिल थे। 180 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी और निमोनिया से पीड़ित थे। सौ शैया अस्पताल में 157 बच्चों का इलाज किया गया।
यह एतियात बरतें
- बच्चों को सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को सुबह-शाम नंगे पैर न टहलने दें
- ठंडा पानी और अन्य ठंडी चीजों से परहेज करें
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार कराएं
- झोलाछाप से उपचार कराने से बचें
निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने में दिक्कत होना
- आंखें लाल होना
- नाक बहना
- सीने में दर्द होना
- पसीना आना
- होठों और नाखूनों का रंग बदलना
मौसम में बदलाव के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में बचाव बहुत जरूरी है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों की विशेष देखभाल की जाए।
डॉ. अभिषेक दुबे, बाल रोग विशेषज्ञ सौ शैया अस्पताल
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यह एतियात बरतें
- बच्चों को सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को सुबह-शाम नंगे पैर न टहलने दें
- ठंडा पानी और अन्य ठंडी चीजों से परहेज करें
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार कराएं
- झोलाछाप से उपचार कराने से बचें
निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने में दिक्कत होना
- आंखें लाल होना
- नाक बहना
- सीने में दर्द होना
- पसीना आना
- होठों और नाखूनों का रंग बदलना
मौसम में बदलाव के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में बचाव बहुत जरूरी है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों की विशेष देखभाल की जाए।
डॉ. अभिषेक दुबे, बाल रोग विशेषज्ञ सौ शैया अस्पताल