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'फेनी' तूफान को लेकर अलर्ट, प्रशासन ने किसानों के लिए जारी की एडवायजरी
Thu, 02 May 2019 09:32 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 02 May 2019 09:32 PM IST
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फैनी तूफान (सांकेतिक)
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बंगाल की खाड़ी से उठे फेनी चक्रवात का साया जिला पर भी मंडरा रहा है। इसे लेकर प्रशासन ने भी हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इसमें आंधी और बारिश की आशंका जताई गई है। अलर्ट के बाद किसानों की रातों की नींद उड़ गई है।
गेहूं की फसल पकने के बाद अब कटाई और थ्रेसिंग का काम जोरों पर है। इसी बीच प्रशासन के अलर्ट ने किसानों की सांसें अटक गई हैं। प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में कहा गया है कि बंगाल की खाड़ी में उठे फेनी चक्रवात के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो और तीन मई को बारिश होने की संभावना के साथी ही आंधी आने की भी प्रबल संभावना बताई गई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अब तक थ्रेसिंग किए गए गेहूं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। इसके अलावा जो गेहूं की फसल खेत में खुली पड़ी है। उसके भी गट्ठर बना लें, जिससे आंधी आने पर वे इधर-उधर न उड़ें। पहले से ही गर्मी को देखते हुए किसान आंधी और बारिश होने का अनुमान लगा रहे थे। वहीं, प्रशासन द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने के बाद किसान काम में जुट गए हैं।
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गेहूं की फसल पकने के बाद अब कटाई और थ्रेसिंग का काम जोरों पर है। इसी बीच प्रशासन के अलर्ट ने किसानों की सांसें अटक गई हैं। प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में कहा गया है कि बंगाल की खाड़ी में उठे फेनी चक्रवात के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो और तीन मई को बारिश होने की संभावना के साथी ही आंधी आने की भी प्रबल संभावना बताई गई है।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अब तक थ्रेसिंग किए गए गेहूं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। इसके अलावा जो गेहूं की फसल खेत में खुली पड़ी है। उसके भी गट्ठर बना लें, जिससे आंधी आने पर वे इधर-उधर न उड़ें। पहले से ही गर्मी को देखते हुए किसान आंधी और बारिश होने का अनुमान लगा रहे थे। वहीं, प्रशासन द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने के बाद किसान काम में जुट गए हैं।
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गेहूं की फसल तैयार होने के बाद से तीन बार आंधी किसानों के लिए तबाही बनकर आई है। अप्रैल की शुरुआत से लेकर अब तक आई आंधियों में किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार अगर आंधी के साथ बारिश भी होती है तो गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा, जिससे कीमत घट जाएगी।
गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम इस समय जोरों पर है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। कटे पड़े गेहूं के साथ ही खेतों में पड़ा भूसा भी भीग जाएगा। वहीं कम से एक सप्ताह के लिए गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम भी रुक जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि मौसम विभाग ने फेनी चक्रवात को लेकर आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। सभी किसान काटी गई गेहूं की फसल को सुरक्षित स्थान पर रख लें। जिससे उन्हें कोई नुकसान न हो।
नगरिया के किसान अशोक कुमार का कहना है कि मौसम की मार तो हर बार किसानों को मारती आई है। फसल जब तैयार होती है तो हर बार आंधी और पानी से तबाही होती है। वहीं बड़ेरी के किसान रामू का कहना है कि किसान के हाथ में केवल मेहनत करना है, इसके बाद मौसम के आगे वह बेबस है। सालों से मौसम की मार से किसान बेहाल रहा है।
गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम इस समय जोरों पर है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। कटे पड़े गेहूं के साथ ही खेतों में पड़ा भूसा भी भीग जाएगा। वहीं कम से एक सप्ताह के लिए गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम भी रुक जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि मौसम विभाग ने फेनी चक्रवात को लेकर आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। सभी किसान काटी गई गेहूं की फसल को सुरक्षित स्थान पर रख लें। जिससे उन्हें कोई नुकसान न हो।
नगरिया के किसान अशोक कुमार का कहना है कि मौसम की मार तो हर बार किसानों को मारती आई है। फसल जब तैयार होती है तो हर बार आंधी और पानी से तबाही होती है। वहीं बड़ेरी के किसान रामू का कहना है कि किसान के हाथ में केवल मेहनत करना है, इसके बाद मौसम के आगे वह बेबस है। सालों से मौसम की मार से किसान बेहाल रहा है।