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Agra News: बरौना में बरगद के पास शुरू हुआ कटान
Fri, 11 Aug 2023 11:34 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 11 Aug 2023 11:34 PM IST
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कासगंज। पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव बरौना में कटान की आपदा अभी पीछा नहीं छोड़ रही। जिन पांच स्थानों पर सिंचाई विभाग ने कटानरोधी कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया वहां तो कटान की गति धीमी पड़ गई, लेकिन पूरब की ओर जहां बरगद का पेड़ है वहां गंगा की धारा कटान करने लगी है। यहां निचाई का का इलाका होने के कारण गांव के कुछ हिस्से में गंगा पानी पहुंच गया। अब सिंचाई विभाग इस इलाके में कटान रोधी कार्य करने में जुट गया है।
कटान की दहशत से परेशान ग्रामीणों ने अपने सपनों के आशियाने खुद ही तोडऩे शुरू कर दिए हैं। ग्रामीण अपने आशियाने खुद तोड़ते नजर आए। गांव में ग्रामीणों के बीच काफी बेचैनी का आलम है। सिंचाई सिंचाई विभाग के अफसर ग्रामीणों को कटान रोकने का भरोसा भी दे रहे हैं।
गांव में शुक्रवार को भी हर कोई कटान को लेकर परेशान नजर आया। गांव में राम सिंह का बड़ा परिवार है। इनका मकान काफी बढ़ा है। गंगा की धारा से इनका मकान करीब 50 मीटर की दूरी पर है। राम सिंह का कहना था कि कटान करती गंगा की धारा का कोई भरोसा नहीं कि कब उनका पक्का मकान गंगा की धारा की चपेट में आ जाए। इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने अपना मकान तोड़ना शुरू कर दिया है। जिससे ईंट और लोहा को सुरक्षित किया जा सके। इसी तरह से अमर सिंह ने अपना मकान तोड़ना शुरू कर दिया और ईंटें सुरक्षित स्थान पर ले गए हैं। इसी तरह से जिन ग्रामीणों को गंगा के कटान में घर समाने की आशंका है वह अपने सामान की सुरक्षा के इंतजाम में जुट गए हैं। अमर सिंह का कहना था कि गंगा एक जगह कटान हेाता है तो इसके बाद जगह बदल जाती है और दूसरी जगह कटान शुरू हो जाता है। यही स्थिति गांव में बनी हुई है। वहीं सूरजपाल बताते हैं कि उनका पक्का मकान ढह गया। शौचालय तो पहले ही ढह चुका है। गंगा के कटान की आपदा समाप्त नहीं हो रही। ग्राम प्रधान पप्पू बघेल ने बताया कि अब तक 6-7 मकान कट चुके हैं, लेकिन अब कटान रुक रहा है। कटान पूरी तरह रुक जाए तो ग्रामीणों को राहत मिलेगी। सिंचाई विभाग काम करने में लगा हुआ है।
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कटान की दहशत से परेशान ग्रामीणों ने अपने सपनों के आशियाने खुद ही तोडऩे शुरू कर दिए हैं। ग्रामीण अपने आशियाने खुद तोड़ते नजर आए। गांव में ग्रामीणों के बीच काफी बेचैनी का आलम है। सिंचाई सिंचाई विभाग के अफसर ग्रामीणों को कटान रोकने का भरोसा भी दे रहे हैं।
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गांव में शुक्रवार को भी हर कोई कटान को लेकर परेशान नजर आया। गांव में राम सिंह का बड़ा परिवार है। इनका मकान काफी बढ़ा है। गंगा की धारा से इनका मकान करीब 50 मीटर की दूरी पर है। राम सिंह का कहना था कि कटान करती गंगा की धारा का कोई भरोसा नहीं कि कब उनका पक्का मकान गंगा की धारा की चपेट में आ जाए। इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने अपना मकान तोड़ना शुरू कर दिया है। जिससे ईंट और लोहा को सुरक्षित किया जा सके। इसी तरह से अमर सिंह ने अपना मकान तोड़ना शुरू कर दिया और ईंटें सुरक्षित स्थान पर ले गए हैं। इसी तरह से जिन ग्रामीणों को गंगा के कटान में घर समाने की आशंका है वह अपने सामान की सुरक्षा के इंतजाम में जुट गए हैं। अमर सिंह का कहना था कि गंगा एक जगह कटान हेाता है तो इसके बाद जगह बदल जाती है और दूसरी जगह कटान शुरू हो जाता है। यही स्थिति गांव में बनी हुई है। वहीं सूरजपाल बताते हैं कि उनका पक्का मकान ढह गया। शौचालय तो पहले ही ढह चुका है। गंगा के कटान की आपदा समाप्त नहीं हो रही। ग्राम प्रधान पप्पू बघेल ने बताया कि अब तक 6-7 मकान कट चुके हैं, लेकिन अब कटान रुक रहा है। कटान पूरी तरह रुक जाए तो ग्रामीणों को राहत मिलेगी। सिंचाई विभाग काम करने में लगा हुआ है।
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