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कोरोना मरीजों से मनमाना बिल नहीं वसूल पाएंगे निजी अस्पताल, तय हुई रोजाना की फीस
Mon, 13 Jul 2020 10:00 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 13 Jul 2020 10:00 AM IST
सार
कोरोना मरीजों से आठ से 18 हजार रुपये रोजाना फीस ले सकेंगे निजी अस्पताल
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना वायरस के नाम पर मरीजों से निजी अस्पताल में मनमाने बिल लेने के मामलों को देखते हुए शासन ने इनमें इलाज की दर तय कर दी है। शासन ने अस्पतालों को दो वर्गों में बांटते हुए सुविधाओं के आधार पर खर्च तय किए हैं।
नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की मान्यता वाले अस्पतालों में प्रतिदिन का खर्च 10 से 18 हजार रुपये खर्च तय किया है तो बिना एनएबीएच की मान्यता वाले अस्पतालों का रोजाना का खर्च आठ से 15 हजार रुपये है। इसमें इलाज के लिए उपयोग होने वाली पीपीई किट का पैसा भी शामिल है।
शहर में प्राइवेट के तीन अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज की अनुमति है। इसमें नयति हॉस्पिटल, रामरघु हॉस्पिटल और प्रभा हॉस्पिटल है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने का खर्च शासन ने निश्चित कर दिया है, इससे ज्यादा धनराशि लेने पर मरीज शिकायत कर सकता है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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ये भी पढ़ें- कोरोना संक्रमितों में प्रदेश में छठवें नंबर पर पहुंचा आगरा, दस दिनों में मिले 2.7 फीसद पॉजिटिव मरीज
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की ओर से तय दर अस्पताल और चिकित्सकीय सेवाओं की है, दवाओं और जांच का खर्च अलग है।
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नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की मान्यता वाले अस्पतालों में प्रतिदिन का खर्च 10 से 18 हजार रुपये खर्च तय किया है तो बिना एनएबीएच की मान्यता वाले अस्पतालों का रोजाना का खर्च आठ से 15 हजार रुपये है। इसमें इलाज के लिए उपयोग होने वाली पीपीई किट का पैसा भी शामिल है।
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शहर में प्राइवेट के तीन अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज की अनुमति है। इसमें नयति हॉस्पिटल, रामरघु हॉस्पिटल और प्रभा हॉस्पिटल है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने का खर्च शासन ने निश्चित कर दिया है, इससे ज्यादा धनराशि लेने पर मरीज शिकायत कर सकता है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की ओर से तय दर अस्पताल और चिकित्सकीय सेवाओं की है, दवाओं और जांच का खर्च अलग है।
एनएबीएच से मान्यता प्राप्त अस्पताल
ये भी पढ़ें- ताजनगरी में नौ नए कोरोना मरीज मिले, 1400 के करीब पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा
बिना एनएबीएच मान्यता वाले अस्पताल
| आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन सहित | 10 हजार रुपये |
| आईसीयू बिना वेंटिलेटर | 15 हजार रुपये |
| आईसीयू वेंटिलेटर सहित | 18 हजार रुपये |
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बिना एनएबीएच मान्यता वाले अस्पताल
| आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन सहित | आठ हजार रुपये |
| आईसीयू बिना वेंटिलेटर | 13 हजार रुपये |
| आईसीयू वेंटिलेटर सहित | 15 हजार रुपये |