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जाको राखे साइयां: 9वीं कक्षा की छात्रा को पिता और फूफा ने पुल से फेंका, मरा समझकर छोड़ गए; ऐसे बची जान
Thu, 08 Feb 2024 09:34 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 08 Feb 2024 09:34 PM IST
सार
'जाकौ राखे साइयां, मार सकै न कोय' कुछ ऐसा ही कहानी है कक्षा 9वीं की छात्रा की। इस छात्रा को पिता और उसके फूफा बहाने से यमुना के पुल पर लेकर पहुंचे। छात्रा को पुल से नीचे फेंक दिया। उसे मरा समझकर वहां से दोनों चले गए, लेकिन छात्रा की जान गोताखोर ने बचा ली। मौके पर पहुंची पुलिस को छात्रा ने पूरी कहानी बताई तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए...
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यमुना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के बमरौली कटारा स्थित समोगर घाट पुल से बुधवार रात पिता और फूफा ने 15 साल की बेटी को यमुना में फेंक दिया। पानी कम होने की वजह से वो बच गई। शोर सुनकर गोताखोर आ गए। उन्होंने उसे बाहर निकाला। पुलिस ने किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया। उसने बताया कि एक युवक से उसकी दोस्ती है, इससे पिता नाराज हैं। पहले उसे नाना के घर भेज दिया। अब शादी कराने के बहाने लेकर आए थे। रास्ते में फूफा के साथ मिलकर हत्या की कोशिश की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी फरार हैं।
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अलीगढ़ के अकबराबाद की रहने वाली किशोरी कक्षा 9 की छात्रा है। उसने पुलिस को बताया कि एक युवक से उसकी दोस्ती है। वह उससे बात करती है। 5 जनवरी को पिता को पता चल गया। बात करने से मना करने लगे। बाद में उसे नाना के घर एटा छोड़ आए। परिजन नाराज थे। तब से वो नाना के घर में रह रही थी।
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बुधवार शाम को पिता राजेश घर आए। कहा कि वह गुरुग्राम में लड़का देखने जा रहे हैं। उसे भी साथ लेकर जाएंगे। उसकी शादी कराएंगे। वह उनके साथ चल दी। रास्ते में उसके फिरोजाबाद के रहने वाले फूफा सतीश भी मिल गए। आरोप है कि दोनों उसे पीपे वाले पुल (समोगर घाट) पर ले आए। रास्ते में दोनों ने शराब पी, खाना भी खाया। यमुना के पुल पर बाइक रोक दी। पिता ने गले में मफलर डाल दिया। उसे खींचकर यमुना में फेंकने लगे। विरोध पर भी नहीं माने। पुल से फेंक दिया। मगर, पानी कम होने से बच गई। शोर मचाने पर गोताखोर आ गए थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।
बमरौली कटारा थाना पुलिस ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भर्ती कराया। उसकी हालत में सुधार होने पर बृहस्पतिवार को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे आशा ज्योति केंद्र में आश्रय दिलाया गया है। डीसीपी पूर्वी जोन रवि कुमार ने बताया कि मामले में किशोरी के पिता और फूफा के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया गया है। किशोरी को फिलहाल आश्रय दिलाया गया है।
काफी सहमी थी किशोरी
किशोरी काफी सहमी थी। पुलिस के अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी कुछ नहीं बोल रही थी। बाद में उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। उसने काउंसलर के सामने मुंह खोला। बताया कि पिता को उसकी युवक से दोस्ती पसंद नहीं थी। उसकी हत्या करना चाहते थे। उसे इस बात का डर था कि अब कहां जाएगी। पिता घर से फरार हैं। परिजन भी बेटी को लेने नहीं आए।
किशोरी काफी सहमी थी। पुलिस के अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी कुछ नहीं बोल रही थी। बाद में उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। उसने काउंसलर के सामने मुंह खोला। बताया कि पिता को उसकी युवक से दोस्ती पसंद नहीं थी। उसकी हत्या करना चाहते थे। उसे इस बात का डर था कि अब कहां जाएगी। पिता घर से फरार हैं। परिजन भी बेटी को लेने नहीं आए।