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Agra: घाटे का सौदा बन रही खेती, महंगे कीटनाशक, खाद और बीज, बढ़ा रहे अन्नदाता की खीझ
Sun, 17 Jul 2022 08:09 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 17 Jul 2022 08:09 AM IST
सार
खाद बीज के थोक विक्रेता अभय सिकरवार ने बताया कि खरीफ की फसलों के बीज के दामों में पिछले साल के मुकाबले 100 से 200 रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है।
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एरवाकटरा क्षेत्र में खेतों पर धान की रोपाई करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खाद, बीज, कीटनाशक आदि की बढ़ती कीमतों की वजह से किसानों के लिए कृषि एक बार फिर घाटे का सौदा साबित हो रही है। इन पर बढ़ती कीमतों की वजह से किसान परेशान हैं।
खाद बीज के थोक विक्रेता अभय सिकरवार ने बताया कि खरीफ की फसलों के बीज के दामों में पिछले साल के मुकाबले 100 से 200 रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। खरपतवार को नष्ट करने वाला कीटनाशक जो पिछले साल 300 रुपये का था अब वह 580 का हो चुका है।
खाद के थोक विक्रेता शिव ने बताया कि पिछले वर्ष पोटाश का 50 किलोग्राम का बोरा 1050 रुपये में मिल रहा था। वह इस साल 1700 रुपये तक में मिल रहा है।
किसान महेश सिकरवा ने बताया कि महंगाई इतनी ज्यादा हो गई है कि किसानों को खेतों से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। साल दर साल बीज खाद की कीमतों में वृद्धि की वजह से परेशानी हो रही है।
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किसान राम खिलाड़ी ने बताया कि खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इस बार बीज, खाद और कीटनाशकों की कीमतें आसमान छू रही हैं। खेती को बंजर तो नहीं रख सकते। देखते हैं क्या होता है।
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खाद बीज के थोक विक्रेता अभय सिकरवार ने बताया कि खरीफ की फसलों के बीज के दामों में पिछले साल के मुकाबले 100 से 200 रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। खरपतवार को नष्ट करने वाला कीटनाशक जो पिछले साल 300 रुपये का था अब वह 580 का हो चुका है।
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खाद के थोक विक्रेता शिव ने बताया कि पिछले वर्ष पोटाश का 50 किलोग्राम का बोरा 1050 रुपये में मिल रहा था। वह इस साल 1700 रुपये तक में मिल रहा है।
लागत निकालना मुश्किल
किसान महेश सिकरवा ने बताया कि महंगाई इतनी ज्यादा हो गई है कि किसानों को खेतों से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। साल दर साल बीज खाद की कीमतों में वृद्धि की वजह से परेशानी हो रही है।
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