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'चार गुना मुआवजा दो या जमीन वापस करो': किसानों ने की भाैतिक सत्यापन की मांग, CM को ज्ञापन साैंपने का एलान
Sat, 27 Jun 2026 08:10 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 27 Jun 2026 08:10 PM IST
सार
इनर रिंग रोड और लैंड पार्सल तृतीय फेज के भूमि अधिग्रहण के प्रभावित किसान अब तक मुआवजा नहीं मिलने पर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन साैंपकर जमीन के भौतिक सत्यापन की मांग की। साथ ही रविवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का एलान भी किया है।
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मंडलायुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में इनर रिंग रोड और लैंड पार्सल तृतीय फेज के भूमि अधिग्रहण के 15 साल बाद भी मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने शनिवार को मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जमीन के भौतिक सत्यापन की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि उन्हें आज के सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दें अन्यथा उनकी जमीन वापस कराएं। इन्ही मांगों को लेकर किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का एलान भी किया है।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि अधिग्रहित की जा रही जमीन पर पहले से ही सैकड़ों लोग मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। एडीए अधिकारी मौके की इस सच्चाई को शासन से छिपाना चाहते हैं। फर्जी रिपोर्ट्स के आधार पर भू अर्जन हुआ। अवैध कॉलोनियां बस गईं, जिनमें प्लॉट खरीदार फंस गए हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्लॉट धारक डॉ. महावीर सिंह और नरेंद्र सिंह ने बताया कि 24 मार्च, 2026 को कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य के नेतृत्व में उनकी मुलाकात सीएम योगी से हुई थी। सीएम ने मामले में साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन मंडलायुक्त ने अभी तक भौतिक सर्वे का आदेश नहीं दिया है। किसानों की मांग है कि वर्ष 2002 से 2010 तक की जमीनी हकीकत और लेखपालों की पुरानी सर्वे रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान देवेंद्र सिंह अग्रवाल, सीपी पाठक, सतेंद्र तोमर, रामप्रकाश सिंह और मुकेश कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।
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किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि अधिग्रहित की जा रही जमीन पर पहले से ही सैकड़ों लोग मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। एडीए अधिकारी मौके की इस सच्चाई को शासन से छिपाना चाहते हैं। फर्जी रिपोर्ट्स के आधार पर भू अर्जन हुआ। अवैध कॉलोनियां बस गईं, जिनमें प्लॉट खरीदार फंस गए हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्लॉट धारक डॉ. महावीर सिंह और नरेंद्र सिंह ने बताया कि 24 मार्च, 2026 को कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य के नेतृत्व में उनकी मुलाकात सीएम योगी से हुई थी। सीएम ने मामले में साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन मंडलायुक्त ने अभी तक भौतिक सर्वे का आदेश नहीं दिया है। किसानों की मांग है कि वर्ष 2002 से 2010 तक की जमीनी हकीकत और लेखपालों की पुरानी सर्वे रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान देवेंद्र सिंह अग्रवाल, सीपी पाठक, सतेंद्र तोमर, रामप्रकाश सिंह और मुकेश कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।
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