अछनेरा। आगरा-बांदीकुई रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार को नागर गांव में किसानों की महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में किसानों ने रेलवे विभाग की ओर से तय की गई मुआवजे की दरों पर आक्रोश जताया। किसानों ने कहा कि 9 साल पुराने सर्किल रेट पर वह अपनी जमीन हरगिज नहीं देंगे। 23 जून को आगरा आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया।
महापंचायत में किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और धीरज सिकरवार ने बताया रेलवे की ओर से जोगी पाड़ा, बिचपुरी, नागर, अछनेरा और मांगरोल जाट समेत कुल 14 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। आरोप है कि यह अधिग्रहण वर्ष 2026 में हो रहा है, लेकिन मुआवजा वर्ष 2017 (9 साल पुराने) के सर्किल रेट के आधार पर तय किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन को इस तरह कौड़ियों के भाव नहीं देंगे और मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज करेंगे। महापंचायत की अध्यक्षता सोमेश्वर सिंह व संचालन दौलतराम नरवार ने किया। इस दौरान महेश उपाध्याय, सत्यवीर चाहर, गंगाराम माहौर, सोनू चौधरी, सुरेंद्र सोलंकी, धर्मेंद्र चाहर, सुमन सिकरवार, मुकेश सविता, जितेंद्र सोलंकी, बॉबी, अशोक नरवार, कोमल सिंह, सत्यपाल सिंह जूरैल, राम गणेश, सत्यदेव सिंह, शिव सिंह, रविंद्र नरवार, राम लखन, पवन कुमार, अमर देव, सुखपाल सिंह, धर्मवीर सोलंकी उपस्थित रहे।