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Agra: एडीए की बेरुखी से नाराज किसान वापस मांग रहे जमीन, फाइलों तक रह गया जीवन; अधिकारियों को कुछ नहीं दिखता

Thu, 29 Feb 2024 02:47 PM IST
भूपेन्द्र सिंह सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आगरा
सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 29 Feb 2024 02:47 PM IST
सार

आगरा में एडीए की बेरुखी से नाराज किसान अपनी जमीन वापस मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन फाइलों तक ही रह गया है। अधिकारियों को कुछ भी दिखता नहीं हैं। 

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Farmers of Etmadpur tehsil in Agra demanding their land back from government
आगरा विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में एत्मादपुर तहसील के किसान सरकार से अपनी जमीन वापस मांग रहे हैं। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) पर किसानों का भरोसा कम हो रहा है। सदर और एत्मादपुर तहसील में इनर रिंग रोड, थीम पार्क और लैंड पार्सल के लिए वर्ष 2009 में किसानों की 938.89 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ था। 

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उस समय इनर रिंग रोड के 94 हेक्टेयर भूमि का भुगतान एडीए ने दोनों तहसीलों के लगभग 600 किसानों को सर्किल रेट से एक गुना बढ़ाकर किया था। वर्ष 2014 में सरकार ने 232 हेक्टेयर भूमि का भुगतान सर्किल रेट से चार गुना बढ़ाकर एत्मादपुर तहसील के लगभग 1200 किसानों को किया। 612 हेक्टेयर के मुआवजे की लड़ाई लगभग 5000 किसान 15 सालों से लड़ रहे हैं।

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गढ़ी संपत के रहने वाले किसान नेता प्रदीप शर्मा का आरोप है कि 2014 के बाद से एडीए किसानों को चार गुना ज्यादा सर्किल रेट का भुगतान करने के लिए तैयार नहीं है। हर बार लगता है कि सरकार जल्द भुगतान कर देगी लेकिन निराशा हाथ लगती है। एत्मादपुर तहसील की दो ग्राम पंचायतों रहनकलां और रायपुर के किसान परेशान हैं। एडीए के अधिकारियों के चक्कर काटने की हिम्मत नहीं है।

गांव मदरा के रहने वाले किसान नेता सोमवीर यादव बताते हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले साल सर्किट हाउस में किसानों को चार गुना सर्किल रेट से भुगतान करने का आदेश दिए गए थे। किसानों की इस समस्या को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना, इसके बाद भी कुछ नहीं हो सका है।
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यह है मामला

वर्ष 2009 में सदर तहसील और एत्मादपुर तहसील के किसानों की 938.89 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ। इनर रिंग रोड, थीम पार्क प्रोजेक्ट और लैंड पार्सल शामिल थे। एत्मादपुर तहसील की ग्राम पंचायत रायपुर में 241 हेक्टेयर और ग्राम पंचायत रहनकलां में 198 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का भुगतान नहीं हुआ है। सदर तहसील के मदरा एत्मादपुर की 59 हेक्टेयर और ग्राम पंचायत बुढ़ाना की 114 हेक्टेयर भूमि का भुगतान नहीं हुआ है।

फाइलों तक रह गया जीवन

गढ़ी जगन्नाथ के किसान उपेंद्र सिकरवार कहते हैं कि बस फाइलें, तारीखें, चक्कर। हमारी दुनिया यहीं तक सीमित रह गई हैं। सितंबर 2023 में मुख्यमंत्री ने मौखिक आदेश दिए थे। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।

अधिकारियों को कुछ नहीं दिखता

गांव रायपुर के किसान नत्थू सिंह कहते हैं कि हमारी आवाज की बुलंदी एडीए के अधिकारियों को सुनाई नहीं देती है। इस बार ऐसा नहीं होगा। हम यह जानकर रहेंगे कि एडीए आखिर चाहता क्या है। एडीए किसानों को आंदोलन करने पर मजबूर कर रहा है।

जल्द मिलेगा भुगतान

डॉ. धर्मपाल सिंह ने बताया कि किसानों की इस मांग पर मुख्यमंत्री की पहले ही सहमति मिल चुकी है। अधिगृहीत भूमि के वर्तमान रेट से चार गुना ऊपर सर्किल रेट का मुआवजा मिलेगा। किसी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही किसानों को भूमि अधिग्रहण की धनराशि मिलेगी।
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