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किसानों को नहीं मिल रहा धान बेचने का रुपया
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किशनी। सरकारी खरीद केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को बेचे गए धान का रुपया नहीं मिल पा रहा है। किसान खरीद केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं होने पर डीएम कार्यालय घेरने की चेतावनी दी है।
फसल करने के लिए इस बार किसानों को डीएपी और यूरिया महंगे दामों पर खरीदनी पड़ी है। खाद की कालाबाजारी से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। परेशानियों का सामना करने के बाद जब किसान धान की फसल को बेचने के लिए सरकारी खरीद केंद्रों पर गया तो पहले तो उनका धान ही नहीं खरीदा गया।
जिन किसानों का धान खरीदा भी गया। उनके खातों में धान खरीद का भुगतान नहीं किया गया है। किसान धान का भुगतान पाने के लिए खरीद केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।
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भारतीय किसान यूनियन (किसान) के जिलाध्यक्ष अनुरुद्ध दुबे का कहना है कि किसानों के आंदोलन के बाद किसानों का धान खरीदा तो गया लेकिन अब भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों की उपेक्षा जारी रही तो आचार संहिता के बाद भी वह किसानों के साथ डीएम कार्यालय घेरकर विरोध दर्ज कराएंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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फसल करने के लिए इस बार किसानों को डीएपी और यूरिया महंगे दामों पर खरीदनी पड़ी है। खाद की कालाबाजारी से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। परेशानियों का सामना करने के बाद जब किसान धान की फसल को बेचने के लिए सरकारी खरीद केंद्रों पर गया तो पहले तो उनका धान ही नहीं खरीदा गया।
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जिन किसानों का धान खरीदा भी गया। उनके खातों में धान खरीद का भुगतान नहीं किया गया है। किसान धान का भुगतान पाने के लिए खरीद केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।
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भारतीय किसान यूनियन (किसान) के जिलाध्यक्ष अनुरुद्ध दुबे का कहना है कि किसानों के आंदोलन के बाद किसानों का धान खरीदा तो गया लेकिन अब भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों की उपेक्षा जारी रही तो आचार संहिता के बाद भी वह किसानों के साथ डीएम कार्यालय घेरकर विरोध दर्ज कराएंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।