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बर्बाद फसल देख किसान की मौत
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बर्बाद फसल देख किसान की मौत
नारखी(फिरोजाबाद)। ओलावृष्टि से खराब हुई फसल के बाद से परेशान चल रहे नारखी क्षेत्र के किसान की खेत पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
नारखी थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुरा निवासी रामेश्वर कुमार (42) ने 10 बीघा खेत में आलू और 15 बीघा खेत बटाई पर लेकर गेहूं और सरसों की फसल की बुवाई कर रखी थी। पिछले सप्ताह बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया और ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह खराब हो गई। इससे रामेश्वर काफी परेशान चल रहा था। परिजनों ने उन्हें काफी समझाया भी, लेकिन वह ज्यादातर समय खेत ही बिता रहा था। सोमवार शाम करीब छह बजे वह बिना बताए घर से चला गया। जब रात तक वापस नहीं आया तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
सुबह पड़ोस के किसान खेत पर पहुंचे तो रामेश्वर का शव उसके खेत में पड़ा था। किसानों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव घर ले आए। देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि फसल बर्बाद होने से रामेश्वर मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। जिससे उसकी मौत हो गई। रामेश्वर के सात बच्चे है। इनमें तीन बेटियां और चार बेटे हैं। नारखी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना है कि इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। पीड़ित परिजन ने भी किसान की मौत की कोई सूचना नहीं दी थी।
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नारखी(फिरोजाबाद)। ओलावृष्टि से खराब हुई फसल के बाद से परेशान चल रहे नारखी क्षेत्र के किसान की खेत पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
नारखी थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुरा निवासी रामेश्वर कुमार (42) ने 10 बीघा खेत में आलू और 15 बीघा खेत बटाई पर लेकर गेहूं और सरसों की फसल की बुवाई कर रखी थी। पिछले सप्ताह बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया और ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह खराब हो गई। इससे रामेश्वर काफी परेशान चल रहा था। परिजनों ने उन्हें काफी समझाया भी, लेकिन वह ज्यादातर समय खेत ही बिता रहा था। सोमवार शाम करीब छह बजे वह बिना बताए घर से चला गया। जब रात तक वापस नहीं आया तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
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सुबह पड़ोस के किसान खेत पर पहुंचे तो रामेश्वर का शव उसके खेत में पड़ा था। किसानों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव घर ले आए। देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि फसल बर्बाद होने से रामेश्वर मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। जिससे उसकी मौत हो गई। रामेश्वर के सात बच्चे है। इनमें तीन बेटियां और चार बेटे हैं। नारखी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना है कि इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। पीड़ित परिजन ने भी किसान की मौत की कोई सूचना नहीं दी थी।
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