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कर्ज जमा करने के लिए बैंक ने बनाया दबाव, किसान ने नहर में कूदकर की आत्महत्या

Fri, 04 Dec 2020 06:56 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 04 Dec 2020 06:56 PM IST
सार

  • बैंककर्मियों के डर से लापता था किसान 
  • नहर में शुक्रवार को मिला शव

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Farmer Commits Suicide Due To Bank Loan Jumps In River Etah News
सुरेश चंद्र का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्ज जमा करने के लिए बैंक कर्मचारियों की ओर से किसान पर दबाव बनाया गया तो उसने नहर में कूद कर आत्महत्या कर ली। किसान को पांच दिन पूर्व गांव में मुनादी के बाद बैंक कर्मचारियों ने पकड़ने की कोशिश की थी, वह तभी से लापता था और शुक्रवार की सुबह नहर से शव बरामद हुआ है। परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी है। 
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थाना निधौलीकलां क्षेत्र के गांव दूल्हा निवासी सुरेश चंद्र (45) पुत्र केदारी लाल का शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे हजारा नहर अरथरा पुल के पास से शव बरामद हुआ है।
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मृतक के चचेरे भाई जगदीश सिंह ने बताया कि सुरेश चंद्र ने भूमि विकास बैंक से ऋण लिया था, छह माह पूर्व बेटी की शादी करने और लॉकडाउन लगने की वजह से बाहर मजदूरी करने नहीं जा पाया। इसके चलते कर्ज चुकता नहीं कर पाया था। कर्जा जमा कराने के लिए भूमि विकास बैंक के अधिकारी काफी दिन से दबाव बना रहे थे।

आरोप है कि 30 नवंबर को बैंक कर्मचारियों की एक गाड़ी गांव में आई और मुनादी कराई गई। कर्मचारियों की ओर से पकड़ने का प्रयास किया गया। बैंक का कर्ज जमा करने में असमर्थ भाई घर से लापता हो गए थे, इनकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।


शुक्रवार की सुबह अरथरा नहर पुल के पास एक शव देखा, इसकी जानकारी होने पर जाकर देखा तो सुरेश चंद्र के रूप में पहचान की गई। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। परिजनों ने अभी तक इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। 


किसान पर कर्ज जमा करने के लिए दबाव नहीं बनाया गया, किसान से तगादा किया गया था। वर्ष 2015 में 90 हजार रुपये ऋण लिया था जो वर्तमान में एक लाख 93 हजार हो चुका है। परिजनों की ओर से दबाव बनाकर कर्ज जमा कराने की बात गलत है।  - राकेश बाबू, प्रबंधक, भूमि विकास बैंक, जलेसर
 
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