आगरा: आवारा पशुओं ने बर्बाद की फसल, सदमे में युवा किसान ने की आत्महत्या
- थाना ताजगंज के गांव गढ़ी नवलिया का मामला, पेड़ पर फंदे से लटका मिला किसान का शव
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आगरा जिले के थाना ताजगंज के गांव गढ़ी नवलिया में सोमवार रात को किसान दीपक (28) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पुलिस को बताया कि दीपक ने 10 बीघा में आलू और गेहूं की फसल की थी। आवारा पशुओें ने उनकी फसल बर्बाद कर दी थी। कर्ज नहीं चुक पाने की वजह से दीपक परेशान था। इस वजह से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने जांच कर रही है।
गांव कुआंखेड़ा स्थित गढ़ी नवलिया निवासी दीपक पुत्र दामोदर की खुद की डेढ़ बीघा जमीन थी। परिजनों ने बताया कि दीपक ने आलू और गेहूं की फसल लगाई थी। इसके अलावा साढ़े आठ बीघा खेत दूसरे किसानों से भेज (बंटाई) पर लिए थे। इन पर भी फसल की थी। फसल को रोजाना आवारा पशु बर्बाद कर देते थे। इस कारण दीपक खेत पर ही सोता था। रात में पशुओं के घुसने पर भगा देता था।
दो दिन पहले पशुओं ने फसल बर्बाद कर दी। इस कारण दीपक परेशान था। उस पर कर्ज भी हो गया था। कर्जदार घर के चक्कर काट रहे थे। सोमवार रात को 12 बजे खेत पर आए थे। तड़के तकरीबन चार बजे खेत पर शौच के लिए गए किसानों ने उसका शव पेड़ पर रस्सी से बने फंदे से लटका देखा।
इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद त्रिपाठी का कहना है कि फसल बर्बाद होने से किसान के तनाव में होने की बात कही गई है। मामले में विवेचना की जा रही है।
प्रशासन ने नहीं सुनी
परिजनों ने पुलिस को बताया कि दीपक के बड़े भाई ट्रक चालक हैं। छोटा भाई कैंटीन चलाता है, जबकि सबसे छोटा भाई नोएडा में टैक्सी चलाता है। दीपक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों का कहना था कि गांवों में आवारा पशुओं का आतंक है। फसल को पशु बर्बाद कर देते हैं। इस कारण किसानों को खेत पर रात गुजारनी पड़ती है। इसके बावजूद पशु फसल बर्बाद कर देते हैं। इसकी शिकायत पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से की थी। मगर, किसी ने सुनी नहीं।