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UP: खेत के रास्ते पर कब्जा...अफसरों के सामने किसान ने उड़ेला डीजल, मच गई अफरा-तफरी; पुलिस ने ऐसे बचाई जान

Sat, 03 May 2025 10:21 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Sat, 03 May 2025 10:21 PM IST
सार

शिकायत का समाधान नहीं होने पर किसान ने खुद पर डीजल उड़ेल लिया। सदर तहसील में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने किसान से माचिस छीनी। पंप चालू कर किसान के ऊपर पानी डाला।

 

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farmer attempted self-immolation in front of administration officers
खुद पर डीजल डालता किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा की सदर तहसील में शनिवार को खेत के रास्ते पर कब्जे से तंग किसान ने एसडीएम के सामने खुद पर डीजल उड़ेल लिया। आत्मदाह की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका और समझाया।
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जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में एत्मादपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस को सुशासन सप्ताह की तरह आयोजित किया गया। प्रशासन चला गांव की ओर...का दावा किया गया। दूसरी ओर सदर तहसील में शनिवार को 161 फरियादी पहुंचे। जिनमें 20 से अधिक ऐसे थे जो महीनों से चक्कर काट रहे थे।
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दहतोरा निवासी 70 वर्षीय किसान शिवचंद का मगटई में गाटा संख्या 59 में खेत है। आसपास बिल्डर ने जमीन खरीदी। किसान के खेत का रास्ता बंद हो गया। पैमाइश के लिए वह महीनों से चक्कर लगा रहे थे। शनिवार को डीजल की कट्टी लेकर एसडीएम के सामने सभागार में पहुंचे। सभागार में पुलिस, प्रशासन सहित एक दर्जन विभागों के अफसर बैठे थे। वहीं, किसान ने अपने सिर पर डीजल उड़ेल लिया।

किसान को ऐसा करता देख तहसीलदार का अर्दली दौड़ा। उसने डीजल की कट्टी छुड़ा ली। जेब से माचिस निकालने की कोशिश कर रहे किसान से माचिस छीन ली। सुरक्षा गार्ड व पुलिसकर्मी किसान को सभागार से बाहर ले गए। पंप हाउस पर सबमर्सिबल पंप चलाकर उसके सिर पर पानी डाला।

किसान शिवचंद ने बताया कि वह दो साल से परेशान है। बिल्डरों ने उसके खेत के रास्ते पर कब्जा कर लिया है। फसल काटने नहीं देते। एक-एक पाई के लिए मोहताज है। इसलिए मरना चाहता था। वहीं, एसडीएम सदर सचिन राजपूत का कहना है कि शिवचंद की शिकायत की जांच कराई थी। सरकारी नक्शा व रिकाॅर्ड में उसके खेत पर कोई रास्ता नहीं। उसे जो भी अनुतोष चाहिए, वह चकबंदी में मुकदमा से प्राप्त कर सकता है।


 
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