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UP: युवती को ऑनलाइन ट्रेडिंग के जाल में फंसाया, 7.50 करोड़ की ठगी...आगरा का कारोबारी गिरफ्तार
Sat, 29 Jun 2024 07:45 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 29 Jun 2024 07:45 AM IST
सार
फरीदाबाद की कारोबारी युवती से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 7.50 करोड़ की ठगी की गई। इस मामले में शिकायत के बाद फरीदाबाद पुलिस ने आगरा के वायदा कारोबारी को गिरफ्तार किया है।
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गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फरीदाबाद पुलिस ने आगरा के वायदा कारोबारी को 7.50 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी में पकड़ा है। यह ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर कारोबारी युवती के साथ धोखाधड़ी के मामले का आरोपी है। तीन माह पहले दर्ज केस में 16 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। फरीदाबाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
फरीदाबाद के सेक्टर-15 में रहने वाली प्रियांशी गुप्ता ने 29 मार्च को साइबर थाने में केस दर्ज कराया था। वह अपने पिता प्रमोद गुप्ता सीए की फर्म में फाइनेंशियल मैनेजमेंट का काम देखती हैं। प्रियांशी के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 7.50 करोड़ की ठगी हुई थी।
इस साइबर गैंग के तार नेपाल और चीन से भी जुड़े थे। फरीदाबाद पुलिस ने आगरा के चर्चित कारोबारी को भी नामजद किया था। टीम उसकी तलाश में आगरा भी आ चुकी थी, लेकिन वह फरार था। उसकी तलाश नेपाल में भी की गई। बुधवार को इस कारोबारी को पकड़ लिया गया। आगरा में करीब 4 साल पहले हुई हत्या में भी उसका नाम सामने आया था मगर वह इस मामले में बच निकला था।
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विज्ञापन देखकर फंसी थी प्रियांशी
मुकदमे के अनुसार, प्रियांशी ने इंटरनेट मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग का विज्ञापन देखा था। लिंक पर क्लिक करने के बाद वह व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गई। ग्रुप में कई लोग ट्रेडिंग कर मोटा मुनाफा कमाने के मैसेज करते थे। दो महीने तक इस ग्रुप में नजर बनाए रखी। जब लगा कि वह भी मुनाफा कमा सकती हैं तो 18 मार्च को उन्होंने ट्रेडिंग करने के लिए ग्रुप में हामी भर दी। इसके बाद उन्हें एक अन्य ग्रुप में जोड़ा गया। एक ग्रुप की एडमिन करीना राजपूत ने उन्हें एक यूआरएल लिंक भेजकर आइसी आर्गन मैक्स नाम के एप में मोबाइल नंबर से उनका खाता खोल दिया। मोबाइल नंबर से एप में लॉगइन करके वह जुड़ गईं। ऑनलाइन उन्हें रुपये बढ़ते दिखे तो मां और पिता के खाते से भी करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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फरीदाबाद के सेक्टर-15 में रहने वाली प्रियांशी गुप्ता ने 29 मार्च को साइबर थाने में केस दर्ज कराया था। वह अपने पिता प्रमोद गुप्ता सीए की फर्म में फाइनेंशियल मैनेजमेंट का काम देखती हैं। प्रियांशी के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 7.50 करोड़ की ठगी हुई थी।
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इस साइबर गैंग के तार नेपाल और चीन से भी जुड़े थे। फरीदाबाद पुलिस ने आगरा के चर्चित कारोबारी को भी नामजद किया था। टीम उसकी तलाश में आगरा भी आ चुकी थी, लेकिन वह फरार था। उसकी तलाश नेपाल में भी की गई। बुधवार को इस कारोबारी को पकड़ लिया गया। आगरा में करीब 4 साल पहले हुई हत्या में भी उसका नाम सामने आया था मगर वह इस मामले में बच निकला था।
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विज्ञापन देखकर फंसी थी प्रियांशी
मुकदमे के अनुसार, प्रियांशी ने इंटरनेट मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग का विज्ञापन देखा था। लिंक पर क्लिक करने के बाद वह व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गई। ग्रुप में कई लोग ट्रेडिंग कर मोटा मुनाफा कमाने के मैसेज करते थे। दो महीने तक इस ग्रुप में नजर बनाए रखी। जब लगा कि वह भी मुनाफा कमा सकती हैं तो 18 मार्च को उन्होंने ट्रेडिंग करने के लिए ग्रुप में हामी भर दी। इसके बाद उन्हें एक अन्य ग्रुप में जोड़ा गया। एक ग्रुप की एडमिन करीना राजपूत ने उन्हें एक यूआरएल लिंक भेजकर आइसी आर्गन मैक्स नाम के एप में मोबाइल नंबर से उनका खाता खोल दिया। मोबाइल नंबर से एप में लॉगइन करके वह जुड़ गईं। ऑनलाइन उन्हें रुपये बढ़ते दिखे तो मां और पिता के खाते से भी करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।