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Agra: पुलिस चौकी पर हो जाती सुनवाई...तो न जाती कंपाउंडर की जान, अब हो रही कातिलों की तलाश

Wed, 06 Nov 2024 10:21 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 06 Nov 2024 10:21 AM IST
सार

कंपाउंडर की मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस चौकी पर सुनवाई हो जाती, तो कंपाउंडर की जान नहीं जाती। पुलिस ने कंपाउंडर को आरोपियों का नाम न बताने पर भगा दिया था। 
 

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family membersserious allegations against police in case of death of compounder
कंपाउंडर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के बाहर खंभा (शाहगंज) में पीट-पीटकर कपांउडर करन सिंह की हत्या की गई है। मामले में पुलिस दो दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने पहले दिन सक्रियता नहीं दिखाई। पुलिस कार्रवाई करती तो कंपाउंडर की जान नहीं जाती।
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नगला प्यारे, सोहल्ला निवासी करन सिंह बरवाली गली में एक चिकित्सक के क्लीनिक में काम करते थे। 2 नवंबर को गुल्ले और उसके साथियों ने उन्हें पीटा था। रविवार को वह क्लीनिक से घर आ रहे थे। आरोप है कि तब भी गुल्ले और टीटा ने उन्हें पीटा। नाले में फेंककर भाग गए। वह पुलिस चाैकी पर शिकायत करने गए थे। मगर, पुलिस ने आरोपियों के नाम पता करके लाने पर शिकायत दर्ज करने की कहकर घर भेज दिया। वहीं, पुलिस से शिकायत का पता चलने पर आरोपियों ने करन सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी। परिजन अब यही कह रहे हैं कि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई कर देती तो आरोपी हमला नहीं करते। करन की जान बच जाती।
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उधर, एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में माैत हृदय घात से होना आया है। नाक पर चोट का निशान है। इससे ही खून निकला था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। चाैकी पर जब करन सिंह आए थे, तब उनको आरोपियों के नाम नहीं पता था। इस पर उन्हें नाम बताने के लिए कहा गया था। वह खुद ही वापस चले गए थे। पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए प्रशासन को लिखा गया है। परिवार किराये पर रहता है। इसलिए आवास के लिए भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
 
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