फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Fake roadway buses running again in Agra

अमर उजाला पड़ताल: आगरा में दो महीने बाद ही फिर दौड़ने लगीं फर्जी बसें

Sat, 03 Apr 2021 01:48 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 03 Apr 2021 01:48 PM IST
विज्ञापन
Fake roadway buses running again in Agra
आईएसबीटी के बाहर खड़ी फर्जी बसें - फोटो : अमर उजाला

आगरा में रोडवेज के रंग में रंगी बसें दो महीने बाद फिर से पुराने ठिकानों से दौड़ने लगी हैं। शुक्रवार को आईएसबीटी, बिजलीघर और ईदगाह के आसपास से यूपी और हरियाणा रोडवेज के रंग की बसें सवारियां भर रही थीं। परिवहन निगम के अधिकारियों ने जनवरी में एक सप्ताह के दौरान इन बसों को बंद करवाया था। लेकिन 15-20 दिनों के अंदर ही आरटीओ में जुर्माना भरकर इनको छुड़ा लिया गया। आरटीओ (प्रवर्तन) का कहना है कि इस बार पकड़े जाने पर इनके परमिट के निलंबित करवाया जाएगा।

विज्ञापन


शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे आईएसबीटी के सामने हरियाणा रोडवेज के आसमानी-सफेद रंग की बस गुरुग्राम केलिए सवारियां भर रही थीं। बस स्टैंड के दूसरी ओर यूपी रोडवेज के रंग की तीन बसें खड़ी हुई थीं। यहां भी इटावा, मैनपुरी, एटा की सवारियां भरी जा रही थीं। यूपी रोडवेज के रंग की एक बस पर कई जगह जीडी चाहर लिखा हुआ था। 
विज्ञापन


ईदगाह बस स्टैंड के सामने दोपहर दो बजे डग्गेमार बसें सवारियां भर रही थीं। ईदगाह ओवरब्रिज के ऊपर दो डग्गेमार बसों में फतेहपुरसीकरी और भरतपुर की सवारियां भरी जा रही थीं। धौलपुर के लिए भी एक बस का परिचालक आवाज लगा रहा था। यात्री उमेश ने बताया कि किराया कम होने के कारण इस बस में सफर कर रहे हैं। हालांकि यह बसें हाईवे पर ही सवारियां उतार देती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया
परिवहन निगम के अधिकारियों ने बस अड्डों के आसपास से सवारियां भरने वालीं 10 बसों को एक सप्ताह के भीतर पकड़कर आरटीओ में बंद करवाया था। परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने आरएम के निर्देश के बाद रोडवेज के रंग में चलने वाली इन बसों की धरपकड़ की थी।  लेकिन सभी बसें 15-20 दिनों में आरटीओ में जुर्माना जमा करके छूट गईं।

एफआईआर कराई फिर बस छोड़ दी
अमर उजाला की पड़ताल में यह भी सामने आया कि आरटीओ में बंद करवाई गईं दो बसों को एफआईआर के बाद भी जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया। बस संख्या यूपी 82 टी-9197 और यूपी 82 टी-1715 को भी परिवहन निगम के अधिकारियों ने पकड़ा था। इन बसों को आरटीओ की फर्जी रसीदों से छुड़ाने दो लोग पहुंचे थे। मामले में यात्री मालकर अधिकारी राजेश मोहन ने थाना हरीपर्वत में रिपोर्ट लिखाई थी। लेकिन इन बसें को भी 15-20 दिन बाद छोड़ दिया गया।

आरएम ने 40 बसों की सौंपी थी सूची
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंढीर ने 20 दिसंबर, 2020 में 40 बसों की सूची आरटीओ को सौंपी। यूपी और रोडवेज के रंग की ये बसें आईएसबीटी और अन्य बस अड्डों के आसपास से सवारियां ढो रही थीं। इसके बाद जनवरी में इन बसों की धरपकड़ की गई थी। आईएसबीटी के प्रभारी चंद्रहंस ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ छह बसों को पकड़कर बंद करवाया था। बाद में अन्य बसों को पकड़वाया गया था।

परमिट निलंबित करने के लिए लिखेंगे
रोडवेज के नाम पर फर्जी बसों को पकड़े जाने के बाद छोड़ने के मामले में आरटीओ (प्रवर्तन) अनिल कुमार का कहना है कि पकड़ी गई बसों में से कुछ आरटीओ से जुर्माना देकर जबकि कुछ कोर्ट से रिलीज कराई गईं। इस तरह की बसों के परमिट निलंबित होने चाहिए। इससे इन पर असर पड़ेगा। दोबारा पकड़ने पर परमिट निलंबित करने के लिए लिखेंगे। 

यहां से चल रहीं 
बिजलीघर से शमसाबाद, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला के लिए
आईएसबीटी से दिल्ली, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, एटा, मैनपुरी, इटावा, फिरोजाबाद के लिए
ईदगाह बस स्टैंड के सामने से ग्वालियर, भिंड, मुरैना, भरतपुर, धौलपुर के लिए

इसलिए हैं फर्जी बसें
आरटीओ अनिल कुमार ने बताया कि इन बसों के मालिकों पर परमिट होता भी है तो वह सवारियों के ले जाने का नहीं होता। इन परमिट पर पार्टी, शादी समारोह के लिए एकमुश्त सवारियों के लिए बुकिंग की जा सकती है। इन बसों को रोडवेज के निर्धारित रंग (यूपी का लाल-हरा-केसरिया, हरियाणा का नीला-सफेद) में नहीं होना चाहिए। यह धोखाधड़ी में आता है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed