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UP: दो घरों में मिले 28 लाख के नकली नोट, अहमदाबाद में सरगना की हत्या; तब खुला फर्जी करेंसी का काला साम्राज्य
Sat, 06 Jun 2026 08:23 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 06 Jun 2026 08:23 AM IST
सार
अहमदाबाद में नकली नोट छापने वाले गिरोह के सरगना इमरान की हत्या के बाद पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ। फतेहाबाद के दो आरोपियों के घरों से 28 लाख रुपये की नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
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बरामद नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गुजरात के अहमदाबाद के थाना वटवा क्षेत्र में नकली नोट छापने वाले गिरोह के सदस्यों के बीच खाना बनाते समय हुए विवाद में सरगना की हत्या के बाद अब मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्या के आरोप में गिरफ्तार फतेहाबाद के दो युवकों की निशानदेही पर उनके घरों से 28 लाख रुपये की नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, 23 मई को अहमदाबाद के थाना वटवा क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहे नकली नोट छापने वाले गिरोह के सदस्यों के बीच खाना बनाते समय विवाद हो गया था। इसी दौरान थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव मेहरा चौधरी निवासी चंद्रमोहन और वीरेंद्र उर्फ वीरा बघेल ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर गिरोह के सरगना इमरान की गर्म तवा मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी शव को कमरे में बंद कर भाग गए थे।
वटवा पुलिस ने 29 मई को चंद्रमोहन, वीरेंद्र समेत चार लोगों को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें एक नाबालिग भी है। घटना स्थल से पुलिस को जली हुई नकली करेंसी भी मिली थी, जिसके बाद पुलिस गिरोह की गतिविधियों की जांच में जुट गई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इमरान के साथ मिलकर किराए के कमरों में रहकर तीन माह से नकली नोट छापने का काम करते थे। इसके बाद बृहस्पतिवार को अहमदाबाद के वटवा थाने की टीम दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव मेहरा चौधरी पहुंची।
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आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके घरों से करीब 28 लाख रुपये की नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए। बरामदगी के बाद अहमदाबाद पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ गुजरात लेकर चली गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक काफी समय से अहमदाबाद के थाना वटवा में रह रहे थे।
प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद ने बताया कि अहमदाबाद के थाना वटवा की पुलिस हत्या और नकली करेंसी मामले की जांच में मेहरा चौधरी गांव आई थी। स्थानीय पुलिस भी उनके साथ मौजूद रही। आरोपियों की निशानदेही पर 28 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई है, जिसके बाद अहमदाबाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
चार साथियों ने की थी सरगना की हत्या
थाना वटवा में तैनात सिपाही हिरेन ने बताया कि 23 मई को खाना बनाते समय हुए विवाद में चार लोगों ने मिलकर मुख्य सरगना इमरान की हत्या कर दी थी। रिमांड पर लाए गए आरोपियों की निशानदेही पर उनके घरों से 28 लाख रुपये नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर आदि उपकरण बरामद किए गए हैं।
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पुलिस के अनुसार, 23 मई को अहमदाबाद के थाना वटवा क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहे नकली नोट छापने वाले गिरोह के सदस्यों के बीच खाना बनाते समय विवाद हो गया था। इसी दौरान थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव मेहरा चौधरी निवासी चंद्रमोहन और वीरेंद्र उर्फ वीरा बघेल ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर गिरोह के सरगना इमरान की गर्म तवा मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी शव को कमरे में बंद कर भाग गए थे।
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वटवा पुलिस ने 29 मई को चंद्रमोहन, वीरेंद्र समेत चार लोगों को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें एक नाबालिग भी है। घटना स्थल से पुलिस को जली हुई नकली करेंसी भी मिली थी, जिसके बाद पुलिस गिरोह की गतिविधियों की जांच में जुट गई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इमरान के साथ मिलकर किराए के कमरों में रहकर तीन माह से नकली नोट छापने का काम करते थे। इसके बाद बृहस्पतिवार को अहमदाबाद के वटवा थाने की टीम दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव मेहरा चौधरी पहुंची।
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आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके घरों से करीब 28 लाख रुपये की नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए। बरामदगी के बाद अहमदाबाद पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ गुजरात लेकर चली गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक काफी समय से अहमदाबाद के थाना वटवा में रह रहे थे।
प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद ने बताया कि अहमदाबाद के थाना वटवा की पुलिस हत्या और नकली करेंसी मामले की जांच में मेहरा चौधरी गांव आई थी। स्थानीय पुलिस भी उनके साथ मौजूद रही। आरोपियों की निशानदेही पर 28 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई है, जिसके बाद अहमदाबाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
चार साथियों ने की थी सरगना की हत्या
थाना वटवा में तैनात सिपाही हिरेन ने बताया कि 23 मई को खाना बनाते समय हुए विवाद में चार लोगों ने मिलकर मुख्य सरगना इमरान की हत्या कर दी थी। रिमांड पर लाए गए आरोपियों की निशानदेही पर उनके घरों से 28 लाख रुपये नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर आदि उपकरण बरामद किए गए हैं।