फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Fake arms case: To escape from STF all the accused went underground

फर्जी शस्त्र प्रकरण: STF से बचने के लिए सभी आरोपी हुए भूमिगत, मोबाइल बंद; एक की आगरा में मिल रही लोकेशन

Thu, 05 Jun 2025 09:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 05 Jun 2025 09:43 AM IST
सार

फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण के आरोपियों की तलाश में एसटीएफ जुटी हुई है। सभी आऱोपी भूमिगत हो चुके हैं। एक आरोपी की लोकेशन आगरा जोन में मिल रही है। 
 

विज्ञापन
Fake arms case: To escape from STF all the accused went underground
फर्जी शस्त्र लाइसेंस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण के आरोपी भूमिगत हो गए हैं। उन्होंने मोबाइल भी बंद कर लिए हैं। हालांकि एक आरोपी की लोकेशन आगरा जोन के जिले में मिल रही है। उधर, एसटीएफ विवेचना से संबंधित साक्ष्य संकलन कर रही है। पत्रावलियां उपलब्ध कराने के लिए डीसीपी हेड क्वार्टर को विवेचक ने पत्र लिखा है।
विज्ञापन


फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध विदेशी पिस्टल के मामले में 24 मई को थाना नाई की मंडी में केस दर्ज हुआ था। एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा वादी हैं। विवेचना एसटीएफ को स्थानांतरित की गई थी। आरोपियों में भूपेंद्र सारस्वत, उसका पिता शिव कुमार सारस्वत, राजेश बघेल, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद, मोहम्मद जैद खान, सेवानिवृत्त शस्त्र लिपिक संजय कपूर और मीडियाकर्मी शोभित चतुर्वेदी हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: यमुना में एक गलती और लग गया लाशों का ढेर...तीन सगी बहनों संग छह बेटियों की मौत, अर्थियां देख फट पड़ा कलेजा
विज्ञापन
विज्ञापन




 

आरोप लगाया गया है कि सभी ने फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाए। जो शस्त्र चढ़वाए, उनका भी रिकाॅर्ड नहीं है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। वह मोबाइल भी नहीं चला रहे हैं। पहले व्हाट्सएप काॅल पर बात कर रहे थे। मगर, अब व्हाट्सएप काॅल भी बंद कर दिया है।

 

वहीं एसटीएफ को सूचना मिली है कि मोहम्मद जैद आगरा जोन के एक जिले में छिपा हुआ है। परिवार को भी अपने साथ ही लेकर गया है। वहीं अन्य आरोपी भूमिगत हो गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक, पत्रावलियां कमिश्नरेट पुलिस से ली जा रही हैं, जिससे मजबूत साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सके।

ये भी पढ़ें -  UP: 'मां-बाप के बिना क्या होता है', 20 वर्षीय आयुष की मौत, ननिहाल में रहता था....रोंगटे खड़े कर देगी ये खबर


 

लिखेंगे दोबारा पत्र
एसटीएफ ने ताजगंज पुलिस से मोहम्मद जैद का आपराधिक इतिहास मांगा था। मगर, अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। अब दोबारा पत्र लिखा जाएगा। जैद के खिलाफ कई मुकदमे की जानकारी विवेचक को मिली थी। हालांकि पुलिस उस पर एक ही मुकदमा बता रही है। हालांकि लिखापढ़ी में किसी तरह की जानकारी नहीं दी है।

ये भी पढ़ें -   Agra News: हेमनदास जैसवानी हत्याकांड में प्रांजल, प्रवीन और चेतन दोषी, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा



 

शोभित के प्रभाव में लगाई थी चार्जशीट
फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने वाले विशाल भारद्वाज भयतीत हैं। उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मी शोभित चतुर्वेदी और भूपेंद्र सारस्वत ऊंची पहुंच रखते हैं। आरोप लगाया कि एक प्लाॅट के विवाद में उन्होंने भूपेंद्र की पुलिस से शिकायत की थी। आरोपी के साथी शोभित चतुर्वेदी ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने दी। थाना सिकंदरा में उल्टा उसके खिलाफ ही धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया। इस मामले में विवेचक भानु प्रताप ने चार्जशीट लगा दी, जबकि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं थे।

 

मामले में शिकायत पर तत्कालीन अपर आयुक्त केशव चाैधरी ने जांच के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर केस के आदेश हुए। मगर, शोभित ने उसे रुकवा दिया। बाद में मामला मीडिया में आया। केस हुआ लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। दोनों केस की विवेचना क्राइम ब्रांच में चल रही है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed