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सात लाख की नकली दवाओं के साथ चार लोग गिरफ्तार, पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Thu, 06 Jun 2019 11:10 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 06 Jun 2019 11:10 AM IST
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बड़ी मात्रा में बरामद हुईं नकली दवाइयां
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में पुलिस और औषधि विभाग ने बुधवार को निबोहरा थाना क्षेत्र में सात लाख की नकली दवाएं पकड़ी हैं। कार से इसे राजस्थान ले जाया जा रहा था। पुलिस ने महिला समेत चार लोगों को जेल भेज दिया है। टीम ने दवाओं के साथ लेबल लगाने के उपकरण जब्त किए हैं।
औषधि विभाग को जानकारी मिली कि कार से नकली दवाओं की खेप राजस्थान भेजी जा रही है। सूचना मिलने के बाद औषधि विभाग ने पुलिस बल के साथ जाल बिछाया। थाना निबोहरा के चौराहा पर पुलिस ने वाहनों की जांच शुरू कर दी। इस बीच वैगनआर कार लेकर भागने लगा।
पुलिस ने पीछा कर अभिमन्यु चौहान पुत्र कृष्णकांत निवासी जमुना बिहार कमला नगर आगरा, रामहरि पुत्र प्रमोद निवासी शहदपुर निबोहरा, शीतल पत्नी रामहरि शहदपुर निबोहरा, संतोष पुत्र मायाराम निवासी तुलसीपुरा फतेहाबाद, हाल निवासी राजापुर चुंगी को पकड़ा।
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औषधि विभाग को जानकारी मिली कि कार से नकली दवाओं की खेप राजस्थान भेजी जा रही है। सूचना मिलने के बाद औषधि विभाग ने पुलिस बल के साथ जाल बिछाया। थाना निबोहरा के चौराहा पर पुलिस ने वाहनों की जांच शुरू कर दी। इस बीच वैगनआर कार लेकर भागने लगा।
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पुलिस ने पीछा कर अभिमन्यु चौहान पुत्र कृष्णकांत निवासी जमुना बिहार कमला नगर आगरा, रामहरि पुत्र प्रमोद निवासी शहदपुर निबोहरा, शीतल पत्नी रामहरि शहदपुर निबोहरा, संतोष पुत्र मायाराम निवासी तुलसीपुरा फतेहाबाद, हाल निवासी राजापुर चुंगी को पकड़ा।
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ऐसे बेचते थे नकली दवाइयां
इसमें से मीकासिन इंजेक्शन समेत एंटीबायोटिक दवाएं मिली। इनकी कीमत करीब सात लाख रुपये आंकी गई है। कार से पैकिंग और नाम का रैपर लगाने के उपकरण भी मिले। इनको जब्त कर लिया। पूछताछ में आरोपियों न बताया कि दवाओं के बड़े वायल से छोटे इंजेक्शन बनाए जाते थे।
यह 90 से 110 रुपये प्रति इंजेक्शन बेचा जाता है। आरोपियों ने बताया कि ये दवाएं कमला नगर अमिता विहार निवासी अंबर प्रताप सिंह पुत्र नीरज प्रताप सिंह का नाम लिया है और राजस्थान लेकर जा रहे थे। कार सीज करते हुए चारों को जेल भेज दिया है।
ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश यादव ने बताया कि सात लाख रुपये की नकली एंटीबायोटिक दवाएं मिली हैं। रैपर और सील करने के उपकरण भी मिले हैं। अमिता विहार रहने वाले अंबर प्रताप का नाम लिया है, इसके यहां भी छापा मारा जाएगा।
यह 90 से 110 रुपये प्रति इंजेक्शन बेचा जाता है। आरोपियों ने बताया कि ये दवाएं कमला नगर अमिता विहार निवासी अंबर प्रताप सिंह पुत्र नीरज प्रताप सिंह का नाम लिया है और राजस्थान लेकर जा रहे थे। कार सीज करते हुए चारों को जेल भेज दिया है।
ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश यादव ने बताया कि सात लाख रुपये की नकली एंटीबायोटिक दवाएं मिली हैं। रैपर और सील करने के उपकरण भी मिले हैं। अमिता विहार रहने वाले अंबर प्रताप का नाम लिया है, इसके यहां भी छापा मारा जाएगा।
राजस्थान, मध्यप्रदेश तक फैला है काला कारोबार
दवाओं की कालाबाजारी के लिए आगरा की मंडी बन गया है। यहां से एंटीबायोटिक दवाओं के अलावा कफ सीरप, गर्भपात की किट और सैंपल की दवाओं की कई राज्यों तक कालाबाजारी की जा रही है। आगरा से कफ सीरप की कालाबाजारी बिहार, बांग्लादेश, पंजाब तक हो रही है।
बीते महीने पंजाब में 17 लाख के कफ सीरप पकड़े गए थे। पंजाब एसटीएफ ने यहां से तीन विक्रेताओं को पकड़ कर ले गई थी। इसी महीने राजस्थान में 12 लाख रुपये की गर्भपात की किट बरामद की गई थी। यह बिना बिल के थी। राजस्थान पुलिस की पूछताछ में यह भी आगरा से लाई गई थी।
दवा माफिया बिना बिल की दवा और सैंपल की दवाएं खरीदकर इनको आसपास के राज्यों में बेचते हैं। इनमें कफ सीरप की सबसे ज्यादा कालाबाजरी रहती है। शराबबंदी के चलते नशे के लिए लोग कफ सीरप इस्तेमाल करते हैं। इसी के चलते 70-80 रुपये के सीरप 300 रुपये तक बिकता है।
बीते महीने पंजाब में 17 लाख के कफ सीरप पकड़े गए थे। पंजाब एसटीएफ ने यहां से तीन विक्रेताओं को पकड़ कर ले गई थी। इसी महीने राजस्थान में 12 लाख रुपये की गर्भपात की किट बरामद की गई थी। यह बिना बिल के थी। राजस्थान पुलिस की पूछताछ में यह भी आगरा से लाई गई थी।
दवा माफिया बिना बिल की दवा और सैंपल की दवाएं खरीदकर इनको आसपास के राज्यों में बेचते हैं। इनमें कफ सीरप की सबसे ज्यादा कालाबाजरी रहती है। शराबबंदी के चलते नशे के लिए लोग कफ सीरप इस्तेमाल करते हैं। इसी के चलते 70-80 रुपये के सीरप 300 रुपये तक बिकता है।