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Lockdown: मोबाइल और टीवी ज्यादा देखने से बढ़ रहीं यह बीमारियां, बरतें सावधानियां
Fri, 10 Apr 2020 01:44 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 10 Apr 2020 01:44 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन में घर बैठे लोग टीवी और मोबाइल पर आठ से 10 घंटे समय बिता रहे हैं। लगातार ऐसा करने से सिर दर्द, आंखों में खुजली, करकराहट की दिक्कत हो रही है। चटपटा-तला खाना भी खूब खाया जा रहा है।
इससे वजन बढ़ना, एसिडिटी की समस्या भी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा के हेल्पलाइन नंबर पर आए फोन पर लोगों से बातचीत के आधार पर चिकित्सकों ने यह बात कही हैं।
कोरोना वायरस के कारण जनरल ओपीडी बंद होने के बाद आईएमए के हेल्पलाइन नंबर पर रोजाना 600-700 फोन आ रहे हैं। इसमें जुकाम-खांसी, पेट रोग, आंखों की परेशानी के मामले सबसे ज्यादा हैं।
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इससे वजन बढ़ना, एसिडिटी की समस्या भी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा के हेल्पलाइन नंबर पर आए फोन पर लोगों से बातचीत के आधार पर चिकित्सकों ने यह बात कही हैं।
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कोरोना वायरस के कारण जनरल ओपीडी बंद होने के बाद आईएमए के हेल्पलाइन नंबर पर रोजाना 600-700 फोन आ रहे हैं। इसमें जुकाम-खांसी, पेट रोग, आंखों की परेशानी के मामले सबसे ज्यादा हैं।
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कई लोगों ने बताईं यह समस्याएं
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने बताया कि बीते 10 दिन की फोन कॉल की स्टडी पर पाया गया कि लोग आठ से दस घंटे टीवी-मोबाइल और कंप्यूटर पर बिता रहे हैं। इससे आंखें लाल होना, करकराहट, धुंधला दिखाई देना, एसिडिटी की समस्या करीब 45 फीसदी लोगों ने बताई। मधुमेह रोगियों की शुगर अनियंत्रित भी पाई गई।
कॉर्निया हो रही ड्राई, बच्चे ज्यादा पीड़ित: डॉ. समीर प्रकाश
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर प्रकाश ने बताया कि बच्चे मोबाइल पर गेम ज्यादा खेल रहे हैं। सामान्य रूप से एक मिनट में 10-15 बार पलक झपकती हैं, लेकिन बच्चे तीन से पांच बार ही ऐसा करते हैं। इससे कॉर्निया ड्राई होने से खुजली-करकराहट होने लगती है।
मोबाइल की स्क्रीन छोटी होने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ने से सिर दर्द की समस्या हो रही है। बड़े टीवी-कंप्यूटर पर समाचार और मूवी देख रहे हैं, लगातार ऐसा करने से धुंधला दिखने की भी परेशानी मिली है।
कॉर्निया हो रही ड्राई, बच्चे ज्यादा पीड़ित: डॉ. समीर प्रकाश
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर प्रकाश ने बताया कि बच्चे मोबाइल पर गेम ज्यादा खेल रहे हैं। सामान्य रूप से एक मिनट में 10-15 बार पलक झपकती हैं, लेकिन बच्चे तीन से पांच बार ही ऐसा करते हैं। इससे कॉर्निया ड्राई होने से खुजली-करकराहट होने लगती है।
मोबाइल की स्क्रीन छोटी होने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ने से सिर दर्द की समस्या हो रही है। बड़े टीवी-कंप्यूटर पर समाचार और मूवी देख रहे हैं, लगातार ऐसा करने से धुंधला दिखने की भी परेशानी मिली है।
लोगों में कोरोना फोबिया
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. यूसी गर्ग ने बताया कि लॉकडाउन में घरों पर लोग समय बिताने, मनोरंजन और जानकारी के लिए टीवी-मोबाइल का सहारा लेते हैं। कोरोना फोबिया के कारण लोग जानकारी के लिए इन पर अतिरिक्त समय बिताने लगे हैं।
इससे चिड़चिड़ापन, बेचैनी, घबराहट की परेशानी हो रही है। कोरोना के डर से लोग तनाव में भी आ गए हैं, इससे उनमें डिप्रेशन का भी खतरा है। फोन पर उनकी काउंसिलिंग भी कर रहे हैं।
इससे चिड़चिड़ापन, बेचैनी, घबराहट की परेशानी हो रही है। कोरोना के डर से लोग तनाव में भी आ गए हैं, इससे उनमें डिप्रेशन का भी खतरा है। फोन पर उनकी काउंसिलिंग भी कर रहे हैं।
यह करें
- टीबी-मोबाइल लगातार न देखें, आंखों पर पांच मिनट तक हथेली रखकर आराम दें।
- रुमाल को गीला कर उसे निचोडे़ं और आंखों पर रखें।
- टीवी पर न्यूज देखने के बजाए सुनने की आदत डालें।
- संगीत सुनें और चित्रकारी करें। पुराने दोस्तों से फोन पर बातें करें।
- घर की सजावट, बागवानी में समय बिताएं, पुराने फोटो-शादी की रिकॉर्डिंग देखें।
- छत पर 30-40 मिनट तक तेजी से टहलें, योग करें, ध्यान लगाएं।
- रुमाल को गीला कर उसे निचोडे़ं और आंखों पर रखें।
- टीवी पर न्यूज देखने के बजाए सुनने की आदत डालें।
- संगीत सुनें और चित्रकारी करें। पुराने दोस्तों से फोन पर बातें करें।
- घर की सजावट, बागवानी में समय बिताएं, पुराने फोटो-शादी की रिकॉर्डिंग देखें।
- छत पर 30-40 मिनट तक तेजी से टहलें, योग करें, ध्यान लगाएं।