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कूड़ा घोटाला : एक और कंपनी के खिलाफ मिले सुबूत, अब पांच कंपनियों की होगी जांच
Fri, 04 Sep 2020 01:48 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 04 Sep 2020 01:48 PM IST
सार
- अब पांच कंपनियों की होगी जांच, निगम ने चार के खिलाफ दर्ज कराई थी रिपोर्ट
- स्पार्क ग्लोबल कंपनी पर जांच का घेरा
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डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में घरों से कूड़ा उठाने के नाम पर किए गए 2.82 करोड़ रुपये के घोटाले में एक और कंपनी स्पार्क ग्लोबल के खिलाफ पुलिस ने सुबूत जुटा लिए हैं। नगर निगम की ओर से दर्ज एफआईआर में इस कंपनी का नाम शामिल नहीं था। अब पुलिस के कहने पर नगर निगम ने इस कंपनी का कूड़ा उठाने का रिकॉर्ड और इसे किए गए भुगतान का ब्योरा दे दिया है। पुलिस ने इसे भी जांच में शामिल कर लिया है।
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नगर निगम ने हरीपर्वत थाने में 13 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर के साथ 200 पेज की जांच रिपोर्ट दी गई। चार कंपनियों को नामजद किया गया। इनमें से तीन कंपनियों के दफ्तर झांसी में हैं, मैसर्स अरवा एसोसिएट, मैसर्स सोसायटी फोर एजुकेशन एंड वेलफेयर फोर ऑल और ओम मोटर्स।
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एक कंपनी ग्वालियर की है एसआरएमटी वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड। पांचवीं कंपनी स्पार्क ग्लोबल है। नगर निगम ने तहरीर में इसका नाम नहीं दिया था। हालांकि तहरीर के साथ दी गई 200 पन्नों की जांच रिपोर्ट में इसका नाम था। पुलिस ने इसी आधार पर निगम से ब्योरा मांगा।
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हरीपर्वत थाना के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि निगम से ब्योरा मिल गया है। इसमें कूड़ा उठाने में की गई गड़बड़ी के साक्ष्य हैं। इसी आधार पर इस कंपनी की गड़बड़ी को भी जांच में शामिल कर लिया गया है। अगले हफ्ते पुलिस टीम झांसी और ग्वालियर जाकर कंपनियों के दफ्तर के बारे में सत्यापन करेगी।
यह है घोटाला
थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि इस रिपोर्ट के अध्ययन से पता चला कि कूड़ा उठाने का ठेका पांच कंपनियों को दिया गया था। नगर निगम ने मई-जून, 2019 में कूड़ा उठाए जाने की जांच कराई तो पांचों कंपनियों की गड़बड़ी मिली। कूड़ा कम उठाया, बिल ज्यादा लगाए। इनका भुगतान भी ले लिया।
सिर्फ 7.2 फीसदी घरों से उठाया था कूड़ा
इंस्पेक्टर ने बताया कि नगर निगम की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि स्पार्क ग्लोबल कंपनी को साकेत और गांधीनगर से कूड़ा उठाना था। कंपनी ने दावा किया था कि 2019 के मई में 1,45,371 और फिर जून में भी इतने ही घरों से कूड़ा उठाया। निगम की जांच में पाया गया कि मई में सिर्फ 7.2 फीसदी (10,467 घर) और जून में 9.43 फीसदी (13,708 घरों) से कूड़ा उठाया गया।
सिर्फ 7.2 फीसदी घरों से उठाया था कूड़ा
इंस्पेक्टर ने बताया कि नगर निगम की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि स्पार्क ग्लोबल कंपनी को साकेत और गांधीनगर से कूड़ा उठाना था। कंपनी ने दावा किया था कि 2019 के मई में 1,45,371 और फिर जून में भी इतने ही घरों से कूड़ा उठाया। निगम की जांच में पाया गया कि मई में सिर्फ 7.2 फीसदी (10,467 घर) और जून में 9.43 फीसदी (13,708 घरों) से कूड़ा उठाया गया।