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सत्यापन के बाद ओडीएफ गांव का ये सच आया सामने, नप गए अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला एटा
Updated Sat, 11 Nov 2017 07:15 PM IST
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एटा को खुले में शौचमुक्त बनाने की कवायदें हवाहवाई नजर आ रही हैं। जिला स्तर पर ओडीएफ घोषित गांव मंडलीय सत्यापन में खारिज कर दिया गया। अवागढ़ विकास खंड के गांव खेड़िया गांव को दो बार मंडलीय सत्यापन टीम द्वारा खारिज किए जाने पर उपनिदेशक पंचायत ने नाराजगी जताई है।
वर्ष 2016-17 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला प्रशासन ने अवागढ़ विकास खंड के गांव खेड़िया ताज को ओडीएफ घोषित किया था। इसके बाद 24 मई 2017 को उपनिदेशक पंचायत नंदिनी जैन ने गांव का दौरा किया।
उन्होंने गांव में खुले में शौच करते लोगों के मिलने पर गांव को ओडीएफ के सत्यापन से खारिज कर दिया। उपनिदेशक ने कमियों को सुधारने और दोबारा मंडलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से आठ अगस्त को गांव खेड़िया ताज के मंडलीय सत्यापन का प्रस्ताव भेजा।
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वर्ष 2016-17 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला प्रशासन ने अवागढ़ विकास खंड के गांव खेड़िया ताज को ओडीएफ घोषित किया था। इसके बाद 24 मई 2017 को उपनिदेशक पंचायत नंदिनी जैन ने गांव का दौरा किया।
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उन्होंने गांव में खुले में शौच करते लोगों के मिलने पर गांव को ओडीएफ के सत्यापन से खारिज कर दिया। उपनिदेशक ने कमियों को सुधारने और दोबारा मंडलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से आठ अगस्त को गांव खेड़िया ताज के मंडलीय सत्यापन का प्रस्ताव भेजा।
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इसके मुताबिक मंडलीय टीम सत्यापन करने के लिए गांव पहुंचीं। इस दौरान टीम को ग्राम पंचायत में बनाए गए शौचालयों का प्रयोग नहीं होने, ग्रामीणों का खुले में शौच जाने, सुरक्षित मल निपटाने नहीं होने पर गांव को ओडीएफ घोषित करने से इनकार कर दिया।
दो बार मंडलीय सत्यापन में रिजेक्ट होने पर उपनिदेशक पंचायत ने फटकार लगाई है। उन्होंने डीपीआरओ, जिला समन्वयक को जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही खंड प्रेरक को भी तलब किया है।
दो बार मंडलीय सत्यापन में रिजेक्ट होने पर उपनिदेशक पंचायत ने फटकार लगाई है। उन्होंने डीपीआरओ, जिला समन्वयक को जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही खंड प्रेरक को भी तलब किया है।