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Agra News: अंग्रेजी का पेपर आसान, चेहरों पर आई मुस्कान
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आगरा। आईसीएसई (इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकंडरी एजुकेशन) बोर्ड की परीक्षाएं मंगलवार से शहर के 17 केंद्रों पर शुरू हो गईं। पहले दिन इंग्लिश लैंग्वेज (ग्रामर) का 80 अंकों का प्रश्नपत्र हुआ, जिसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित था। आसान पेपर से परीक्षार्थियों के चेहरे खिले दिखे।
परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था रही। गेट पर छात्रों की जांच की गई और मोबाइल फोन सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल उपकरण बाहर ही जमा कराए गए। छात्रों को आधे घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश थे। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्र-छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान थीं। अधिकांश छात्रों ने प्रश्नपत्र को सरल और संतुलित बताया। उनका कहना था कि पिछले वर्षों की तुलना में पेपर ज्यादा कठिन नहीं था। ग्रामर का भाग सीधा और समझने में आसान रहा, जबकि बहुविकल्पीय प्रश्नों में भी उलझाव नहीं था। निबंध को करीब 300-350 शब्दों में लिखना था। जिसे छात्रों ने सहज बताया और कहा कि विषय परिचित होने से अपने विचार लिखने में आसानी हुई।
कॉम्प्रीहेन्शन रहा कठिन
पेपर सरल रहा। हालांकि, कॉम्प्रीहेन्शन पार्ट कठिन रहा। दो तीन बार पढ़ने पर समझ आ सका। इसके अलावा निबंध के टॉपिक और वर्बल पार्ट सरल रहे।- अथर्व अग्रवाल, छात्र
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आत्मविश्वास बढ़ा
पूर्व में पेपर कठिन आए थे। उस हिसाब से पेपर सरल रहा। बहुविकल्पीय प्रश्न भी सरल रहे। कठिनाई ज्यादा नहीं हुई। शुरूआत अच्छी होने से आत्मविश्वास बढ़ गया।- श्रेष्ठ, छात्र
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परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था रही। गेट पर छात्रों की जांच की गई और मोबाइल फोन सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल उपकरण बाहर ही जमा कराए गए। छात्रों को आधे घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश थे। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्र-छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान थीं। अधिकांश छात्रों ने प्रश्नपत्र को सरल और संतुलित बताया। उनका कहना था कि पिछले वर्षों की तुलना में पेपर ज्यादा कठिन नहीं था। ग्रामर का भाग सीधा और समझने में आसान रहा, जबकि बहुविकल्पीय प्रश्नों में भी उलझाव नहीं था। निबंध को करीब 300-350 शब्दों में लिखना था। जिसे छात्रों ने सहज बताया और कहा कि विषय परिचित होने से अपने विचार लिखने में आसानी हुई।
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कॉम्प्रीहेन्शन रहा कठिन
पेपर सरल रहा। हालांकि, कॉम्प्रीहेन्शन पार्ट कठिन रहा। दो तीन बार पढ़ने पर समझ आ सका। इसके अलावा निबंध के टॉपिक और वर्बल पार्ट सरल रहे।- अथर्व अग्रवाल, छात्र
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आत्मविश्वास बढ़ा
पूर्व में पेपर कठिन आए थे। उस हिसाब से पेपर सरल रहा। बहुविकल्पीय प्रश्न भी सरल रहे। कठिनाई ज्यादा नहीं हुई। शुरूआत अच्छी होने से आत्मविश्वास बढ़ गया।- श्रेष्ठ, छात्र

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