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Agra News: यमुना एक्सप्रेस-वे पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स चोरी, फेंसिंग गायब, ओवरस्पीडिंग पर रोक नहीं
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खंदौली। सादाबाद थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा इंतजाम पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये टोल के रूप में वसूलने के बावजूद यात्रियों की जान खतरे में है। इमरजेंसी काॅल बाक्स चोरी हो चुके हैं। तारों की फेंसिंग भी गायब हो गई है। ओवरस्पीड वाहनों को रोकने के लिए भी कोई टीम नहीं है। सिर्फ चालान की खानापूर्ति ही की जाती है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई।
आपातकालीन स्थिति के लिए हर तीन किलोमीटर पर लगाए गए इमरजेंसी कॉल बॉक्स अधिकांश स्थानों से चोरी हो चुके हैं। ऐसे में दुर्घटना या वाहन खराब होने की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। प्रबंधन का कहना है कि अब हर 250 मीटर पर इमरजेंसी नंबर लिखवा दिए गए हैं, लेकिन कॉल बॉक्स जैसी त्वरित सुविधा का अभाव यात्रियों की चिंता बढ़ा रहा है।
इसके अलावा कई स्थानों पर रिफ्लेक्टर लगाए ही नहीं गए हैं, जिससे रात के समय दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। वहीं एक्सप्रेसवे पर पशुओं को ओन से रोकने के लिए की गई तारों की फेंसिंग भी अधिकतर स्थानों से गायब मिली। फेंसिंग न होने के कारण पशु सीधे मुख्य मार्ग पर आ जाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे की आशंका बनी रहती है।
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नियम के अनुसार, छोटे वाहनों की अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों की 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, लेकिन अधिकांश वाहन ओवरस्पीड में दौड़ते हैं। कई वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर कहीं भी वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे अन्य वाहनों के लिए खतरा उत्पन्न होता है। पेट्रोलिंग टीम की ओर से ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं हो रही है।
टोल प्लाजा इंचार्ज तुलसीराम गुर्जर का कहना है कि ओवरस्पीडिंग पर लगातार चालान किए जाते हैं। झरना नाला, मिडावली टोल प्लाजा, दाऊजी वृंदावन कट सहित कई स्थानों पर स्पीड कैमरे लगाए गए हैं, जो डाटा ट्रैफिक कंट्रोल रूम को भेजते हैं। सत्यापन के बाद चालान की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने दावा किया कि सभी सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं और पेट्रोलिंग टीम नियमित गश्त कर रही है।
एत्मादपुर हाईवे पर डग्गामार वाहनों का कब्जा
फोटो
एत्मादपुर। शासन के आदेश के बाद भी डग्गामार वाहनों पर रोक नहीं लग पा रही है। एत्मादपुर के प्रमुख स्थानों पर ऑटो चालक और डग्गामार वाहन चालक मनमानी करते नजर आते हैं। हाइवे पर बीच में ऑटो खड़ा कर सवारियों को बैठाते हैं। बरहन तिराहे व तहसील चौराहे पर ऑटो की लंबी लाइन लगी रहती है। आगरा और फिरोजाबाद से आने जाने वाली सवारियों को बैठाने और उतारने के लिए ऑटो को हाइवे पर ही रोक लेते है। कस्बे में कहीं भी ऑटो स्टैंड नही है। वही बरहन रोड पर भी यही स्थिति है।
यमुना एक्सप्रेस वे पर खड़े वाहन हादसों को दे रहे न्योता
एत्मादपुर। यमुना एक्सप्रेस वे पर रोडवेज बस और प्राइवेट वाहन सवारियों को बैठाती हैं। चालक कुबेरपुर इंटरचेंज के ऊपर सड़क पर ही वाहनों को रोक देते है। वही ऑटो भी आ जाते है। इस कारण हादसों का खतरा बना रहता है। वहीं इनर रिंग रोड टोल प्लाजा रहनकला पर बने फूड प्लाजा पर लखनऊ व नोएडा से आने वाले वाहन सड़क ही वाहन खड़े कर देते है।
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आपातकालीन स्थिति के लिए हर तीन किलोमीटर पर लगाए गए इमरजेंसी कॉल बॉक्स अधिकांश स्थानों से चोरी हो चुके हैं। ऐसे में दुर्घटना या वाहन खराब होने की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। प्रबंधन का कहना है कि अब हर 250 मीटर पर इमरजेंसी नंबर लिखवा दिए गए हैं, लेकिन कॉल बॉक्स जैसी त्वरित सुविधा का अभाव यात्रियों की चिंता बढ़ा रहा है।
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इसके अलावा कई स्थानों पर रिफ्लेक्टर लगाए ही नहीं गए हैं, जिससे रात के समय दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। वहीं एक्सप्रेसवे पर पशुओं को ओन से रोकने के लिए की गई तारों की फेंसिंग भी अधिकतर स्थानों से गायब मिली। फेंसिंग न होने के कारण पशु सीधे मुख्य मार्ग पर आ जाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे की आशंका बनी रहती है।
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नियम के अनुसार, छोटे वाहनों की अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों की 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, लेकिन अधिकांश वाहन ओवरस्पीड में दौड़ते हैं। कई वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर कहीं भी वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे अन्य वाहनों के लिए खतरा उत्पन्न होता है। पेट्रोलिंग टीम की ओर से ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं हो रही है।
टोल प्लाजा इंचार्ज तुलसीराम गुर्जर का कहना है कि ओवरस्पीडिंग पर लगातार चालान किए जाते हैं। झरना नाला, मिडावली टोल प्लाजा, दाऊजी वृंदावन कट सहित कई स्थानों पर स्पीड कैमरे लगाए गए हैं, जो डाटा ट्रैफिक कंट्रोल रूम को भेजते हैं। सत्यापन के बाद चालान की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने दावा किया कि सभी सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं और पेट्रोलिंग टीम नियमित गश्त कर रही है।
एत्मादपुर हाईवे पर डग्गामार वाहनों का कब्जा
फोटो
एत्मादपुर। शासन के आदेश के बाद भी डग्गामार वाहनों पर रोक नहीं लग पा रही है। एत्मादपुर के प्रमुख स्थानों पर ऑटो चालक और डग्गामार वाहन चालक मनमानी करते नजर आते हैं। हाइवे पर बीच में ऑटो खड़ा कर सवारियों को बैठाते हैं। बरहन तिराहे व तहसील चौराहे पर ऑटो की लंबी लाइन लगी रहती है। आगरा और फिरोजाबाद से आने जाने वाली सवारियों को बैठाने और उतारने के लिए ऑटो को हाइवे पर ही रोक लेते है। कस्बे में कहीं भी ऑटो स्टैंड नही है। वही बरहन रोड पर भी यही स्थिति है।
यमुना एक्सप्रेस वे पर खड़े वाहन हादसों को दे रहे न्योता
एत्मादपुर। यमुना एक्सप्रेस वे पर रोडवेज बस और प्राइवेट वाहन सवारियों को बैठाती हैं। चालक कुबेरपुर इंटरचेंज के ऊपर सड़क पर ही वाहनों को रोक देते है। वही ऑटो भी आ जाते है। इस कारण हादसों का खतरा बना रहता है। वहीं इनर रिंग रोड टोल प्लाजा रहनकला पर बने फूड प्लाजा पर लखनऊ व नोएडा से आने वाले वाहन सड़क ही वाहन खड़े कर देते है।