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बिजली बिल: डीवीवीएनएल का 36 लाख उपभोक्ताओं पर पांच हजार करोड़ रुपये का बिल बकाया
Mon, 25 Oct 2021 08:55 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 25 Oct 2021 08:55 AM IST
सार
डीवीवीएनएल के 21 जिलों में 56.46 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 65 फीसदी उपभोक्ता बिल नहीं दे रहे हैं। सबसे ज्यादा बकायेदार ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) का 36 लाख उपभोक्ताओं पर 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल का बकाया है। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में 31.34 लाख व शहरी क्षेत्र में 4.66 लाख बकाएदार हैं। विभाग ओटीएस योजना के तहत 30 नवंबर तक घरेलू, औद्योगिक व किसानों के नलकूप कनेक्शन पर ब्याज व जुर्माना माफ करने की सुविधा दे रहा है।
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डीवीवीएनएल के 21 जिलों में 56.46 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 65 फीसदी उपभोक्ता बिल नहीं दे रहे हैं। इसका सीधा असर डीवीवीएनएल की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। डिस्कॉम हर माह बिजली खरीद पर 925 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
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वहीं प्रत्येक माह का राजस्व निर्धारण करीब 890 करोड़ रुपये का है, जबकि इसके सापेक्ष बकाया भुगतान करने से 686 करोड़ रुपया प्राप्त हो रहा है। इस तरह करीब 250 करोड़ रुपये की बकाएदारी बढ़ रही है। कुल 56.46 लाख उपभोक्ताओं में 44.23 लाख ग्रामीण हैं। इनमें 31.34 लाख पर साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की बकाएदारी है।
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बिजली खरीद का संकट
शहरी क्षेत्र में 12.23 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 4.66 लाख उपभोक्ताओं पर करीब 500 करोड़ रुपये बकाया है। सिर्फ आगरा जिला ग्रामीण क्षेत्र में 3.66 लाख उपभोक्ताओं पर डीवीवीएनएल का 610 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे हालात में डीवीवीएनएल के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ कोयला की कमी से विद्युत उत्पादन प्रभावित है तो दूसरी तरफ राजस्व वसूली ठप होने से बिजली खरीद का संकट है।
वसूली व उत्पीड़न पर है रोक
नए साल में होने वाले चुनावों के मद्देनजर बकाया वसूली के लिए शासन सख्ती के खिलाफ है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकाएदारों के उत्पीड़न पर रोक लगा दी।
ऐसे में एक मुश्त समाधान योजना के सहारे राजस्व बढ़ाने की कवायद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन कर रहा है। इसमें 30 नवंबर तक घरेलू व नलकूप कनेक्शन के अलावा पांच किलो वॉट विद्युत भार क्षमता के उपभोक्ता शामिल हैं। इनसे 30 नवंबर तक बकाया राशि का भुगतान करने पर ब्याज व जुर्माना नहीं लिया जाएगा।
राजस्व वसूली के हो रहे प्रयास
डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अमित किशोर ने बताया कि उपभोक्ताओं पर पांच हजार करोड़ रुपये का बिजली बकाया है। उनके लिए ओटीएस स्कीम शुरू की गई है। बकाएदार इस योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं।
शहरी क्षेत्र में 12.23 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 4.66 लाख उपभोक्ताओं पर करीब 500 करोड़ रुपये बकाया है। सिर्फ आगरा जिला ग्रामीण क्षेत्र में 3.66 लाख उपभोक्ताओं पर डीवीवीएनएल का 610 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे हालात में डीवीवीएनएल के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ कोयला की कमी से विद्युत उत्पादन प्रभावित है तो दूसरी तरफ राजस्व वसूली ठप होने से बिजली खरीद का संकट है।
वसूली व उत्पीड़न पर है रोक
नए साल में होने वाले चुनावों के मद्देनजर बकाया वसूली के लिए शासन सख्ती के खिलाफ है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकाएदारों के उत्पीड़न पर रोक लगा दी।
ऐसे में एक मुश्त समाधान योजना के सहारे राजस्व बढ़ाने की कवायद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन कर रहा है। इसमें 30 नवंबर तक घरेलू व नलकूप कनेक्शन के अलावा पांच किलो वॉट विद्युत भार क्षमता के उपभोक्ता शामिल हैं। इनसे 30 नवंबर तक बकाया राशि का भुगतान करने पर ब्याज व जुर्माना नहीं लिया जाएगा।
राजस्व वसूली के हो रहे प्रयास
डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अमित किशोर ने बताया कि उपभोक्ताओं पर पांच हजार करोड़ रुपये का बिजली बकाया है। उनके लिए ओटीएस स्कीम शुरू की गई है। बकाएदार इस योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं।