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UP: 38 इलेक्ट्रिक बसें बनीं शो-पीस...चार्जिंग स्टेशन नहीं बन सका, इन मार्गों पर होना है संचालन
Fri, 23 May 2025 09:49 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 23 May 2025 09:49 AM IST
सार
आगरा फोर्ट डिपो (आईएसबीटी) पर 38 इलेक्ट्रिक बसें खुले में खड़ी हैं। चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पाया है, जिसकी वजह से इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है।
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इलेक्ट्रिक बसें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पिछले दो माह से 38 इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) को आगरा फोर्ट डिपो (आईएसबीटी) में खुले में शो-पीस की तरह खड़ा किया हुआ है। चार्जिंग स्टेशन न होने की वजह से बसों को चार्ज नहीं किया जा सकता है, ऐसे में बिना करंट सड़कों पर ये बसें कैसे संचालित की जाएं।
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प्रदेश सरकार की तरफ से दो माह पहले परिवहन निगम (आगरा परिक्षेत्र) को करीब 38 इलेक्ट्रिक बसें दी गई तीं। ये बसें आईएसबीटी स्थित आगरा फोर्ट डिपो पर खड़ी करा दी गईं हैं। वजह चार्जिंग स्टेशन न होना रहा। बसों के मिलने के बाद चार्जिंग स्टेशन के निर्माण की कवायद शुरू की गई। एक माह का समय टेंडर प्रक्रिया में निकाल दिया गया।
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इसके बाद काफी धीमी गति से निर्माण कार्य चल रहा है। अभी तक चार्जिंग स्टेशन के कक्षों की दीवार और छत का कार्य हुआ है। इस हिसाब से अभी 20 से 25 दिन का समय और लग सकता है। वहीं 38 करोड़ से अधिक की बसें खुले में खड़ी होने के कारण आंधी और बारिश से खराब हो रही हैं। चार्जिंग के लिए तीन-चार मशीनें लगी हुई हैं। इनसे प्रतिदिन चार से छह बसों को स्टार्ट करने के लिए चार्ज किया जाता है। क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि बसों की रखवाली के लिए कर्मचारी तैनात किए हुए है। अगले माह तक चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
इन मार्गों पर हो सकती है संचालित
इन इलेक्ट्रिक बसों नोएडा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज आदि मार्गों पर संचालित किया जा सकता है। इसकी वजह बसों का एक बार चार्ज होने पर करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करना है। अभी कई जिलों में बसों को चार्ज करने की व्यवस्था नहीं है।
इन इलेक्ट्रिक बसों नोएडा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज आदि मार्गों पर संचालित किया जा सकता है। इसकी वजह बसों का एक बार चार्ज होने पर करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करना है। अभी कई जिलों में बसों को चार्ज करने की व्यवस्था नहीं है।