{"_id":"60a945948ebc3ebb2651ff6e","slug":"electoral-duty-22-employees-lost-their-lives-in-the-district-mainpuri-news-agr4928763104","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी ड्यूटी के चलते जिले में 22 कर्मचारियों की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी ड्यूटी के चलते जिले में 22 कर्मचारियों की गई जान
विज्ञापन
मैनपुरी। पंचायत चुनाव में ड्यूटी के कारण जिले में 22 लोगों की जान चली गई। शासन के आदेश पर पंचायत राज विभाग ने अनुग्रह धनराशि देने के लिए इनकी सूची भेज दी है। साथ ही पोर्टल पर भी मृत कर्मचारियों का अभिलेखों के साथ डाटा अपलोड किया जा रहा है।
शासन ने जिले से पंचायत चुनाव की ड्यूटी के चलते मरने वाले कर्मचारियों का डाटा मांगा था। सभी विभागों से सूचना लेने के बाद पंचायत राज विभाग ने कुल 22 कर्मचारियों की सूची तैयार की है। ये सूची जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद शासन को अनुग्रह धनराशि देने के लिए भेज दी गई है। इसके साथ ही पंचायत राज विभाग के पोर्टल पर भी मृत कर्मचारियों का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। इसमें मृत्यु प्रमाण पत्र, कोविड रिपोर्ट आदि अभिलेख अपलोड करने हैं। अभिलेखों के अभाव में अब तक 15 मृत कर्मचारियों का ही डाटा पोर्टल पर फीड किया जा सका है। बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा अन्य कर्मचारियों का डाटा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
मरने वाले कर्मचारियों में बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वाधिक नौ कर्मचारी और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सात कर्मचारी शामिल हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग के दो कर्मचारियों ने चुनावी ड्यूटी के चलते जान गवाई है। इसके अलावा पंचायत राज विभाग, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, पशुपालन विभाग, और नहर विभाग ने भी अपना एक-एक कर्मचारी खोया है। डीपीआरओ स्वामीदीन ने सभी विभागाध्यक्षों से मृत कर्मचारियों के अभिलेख जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन ने जिले से पंचायत चुनाव की ड्यूटी के चलते मरने वाले कर्मचारियों का डाटा मांगा था। सभी विभागों से सूचना लेने के बाद पंचायत राज विभाग ने कुल 22 कर्मचारियों की सूची तैयार की है। ये सूची जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद शासन को अनुग्रह धनराशि देने के लिए भेज दी गई है। इसके साथ ही पंचायत राज विभाग के पोर्टल पर भी मृत कर्मचारियों का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। इसमें मृत्यु प्रमाण पत्र, कोविड रिपोर्ट आदि अभिलेख अपलोड करने हैं। अभिलेखों के अभाव में अब तक 15 मृत कर्मचारियों का ही डाटा पोर्टल पर फीड किया जा सका है। बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा अन्य कर्मचारियों का डाटा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
विज्ञापन
मरने वाले कर्मचारियों में बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वाधिक नौ कर्मचारी और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सात कर्मचारी शामिल हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग के दो कर्मचारियों ने चुनावी ड्यूटी के चलते जान गवाई है। इसके अलावा पंचायत राज विभाग, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, पशुपालन विभाग, और नहर विभाग ने भी अपना एक-एक कर्मचारी खोया है। डीपीआरओ स्वामीदीन ने सभी विभागाध्यक्षों से मृत कर्मचारियों के अभिलेख जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
विज्ञापन