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भाजपा: विवादों के बीच जिले के मंडल अध्यक्ष घोषित
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 16 Jan 2016 02:22 AM IST
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22 में से 14 मंडल अध्यक्ष व नौ जिला प्रतिनिधि घोषित किए
कई मंडल के चुनावों पर उठाए सवाल, निरस्त होने की चर्चा
विवादों के बीच भाजपा ने जिले के 22 में से 14 मंडल अध्यक्ष व नौ जिला प्रतिनिधि घोषित कर दिए हैं। मगर, सूची जारी होने के साथ ही विरोधी स्वर मुखर हो गए। कई मंडलों में साजिश के तहत अध्यक्ष घोषित न करने के आरोप लगाए गए हैं तो कुछ ने घोषित नामों पर ही सवाल खड़े कर दिए। देर रात चुनाव निरस्त करने की चर्चा भी तेजी से उड़ गई।
भाजपा के संगठनात्मक चुनावों पर विवादों का साया पड़ गया है। पहले महानगर अध्यक्ष पद के लिए हुए नामांकन पर सवाल खड़े हुए और अब जिले के मंडलों के चुनाव पर। कुछ नेताओं ने जैतपुर मंडल अध्यक्ष के चुनाव को अवैध बताया है। उनका कहना है कि यहां सिर्फ राजीव सिंह राठौर ने ही नामांकन किया था, लेकिन अध्यक्ष कोई और बना दिया गया। इस बारे में कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस मंडल की फाइलों के कागजों में ही हेरफेर कर दी गई। ऐसे ही बाह देहात के चुनाव पर आरोप हैं। यहां तो एक पूर्व जिला महामंत्री ने ही चुनाव पर प्रश्नचिह्न लगाया है। उनका कहना है कि इस मंडल पर जितेंद्र नरवरिया को अध्यक्ष घोषित किया गया है, जबकि जिला पंचायत चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। हालांकि बाद में उनकी वापसी को हरी झंडी दे दी, लेकिन दागी को जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। एत्मादपुर क्षेत्र के मंडलों के अध्यक्ष घोषित न करने पर विवाद गहरा गया। बताया जा रहा है कि यहां निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए थे, लेकिन इनकी घोषणा नहीं की गई। इसके अलावा कई मंडलों के अध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए गए हैं। इन्हीं सब विवादों के चलते देर रात चुनाव निरस्त करने की चर्चा भी उड़ गई। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की। इन सब कारणों के चलते पार्टी में हंगामे के आसार बन रहे हैं।
इनसेट
जिलाध्यक्ष चुनाव
के लिए हेरफेर!
पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंडल अध्यक्षों के नाम घोषित करने में जो हेराफेरी की गई है, उसके पीछे जिला अध्यक्ष चुनाव माना जा रहा है। एक खेमे द्वारा विरोधी खेमे के दावेदारों के डेमेज करने के लिए या तो उनके मंडलों में चुनाव नहीं कराए गए या फिर कराए भी गए तो अपनी शर्तों पर मंडल अध्यक्षों को चुना गया। ताकि जिलाध्यक्ष चुनाव में वे उनका सपोर्ट करें।
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मंडल अध्यक्ष जिला प्रतिनिधि
अछनेरा नगर विवेक सिंहल राजेंद्र कुमार
किरावली भीमसेन भगौर अवधेश चाहर
फतेहाबाद वीरेंद्र सिंह बबिता चौहान
शमसाबाद देहात हीरा सिंह -
शमसाबाद नगर संदीप गुप्ता -
खेरागढ़ सुरेश सिकरवार विजय पाल सिंह
सैंया पुरुषोत्तम त्यागी बचनेश त्यागी
बाह नगर राधेश्याम दुबे -
बाह देहात जितेंद्र नरवरिया -
जैतपुर अमित मिश्रा कमल सिंह
बरौली अहीर टीकू राम लोधी गिर्राज सिंह राजपूत
अकोला भूपेंद्र उपाध्याय धर्मसिंह वर्मा
खंदौली होशियार सिंह मुकेश गुप्ता
पिनाहट बृजेश परिहार -
मुझे किसी भी मंडल के चुनाव के विरोध में सूचना नहीं मिली है। हमने सूची जारी कर दी है। इस पर कोई विवाद नहीं है।
- राजेश चौधरी, जिला सह चुनाव अधिकारी
कोई सूची निरस्त नहीं हुई है। चुनाव अधिकारियों के माध्यम से चुनाव संपन्न कराए गए हैं। जल्द ही बाकी मंडल अध्यक्ष भी घोषित कर दिए जाएंगे।
- अशोक राना, जिलाध्यक्ष
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कई मंडल के चुनावों पर उठाए सवाल, निरस्त होने की चर्चा
विवादों के बीच भाजपा ने जिले के 22 में से 14 मंडल अध्यक्ष व नौ जिला प्रतिनिधि घोषित कर दिए हैं। मगर, सूची जारी होने के साथ ही विरोधी स्वर मुखर हो गए। कई मंडलों में साजिश के तहत अध्यक्ष घोषित न करने के आरोप लगाए गए हैं तो कुछ ने घोषित नामों पर ही सवाल खड़े कर दिए। देर रात चुनाव निरस्त करने की चर्चा भी तेजी से उड़ गई।
भाजपा के संगठनात्मक चुनावों पर विवादों का साया पड़ गया है। पहले महानगर अध्यक्ष पद के लिए हुए नामांकन पर सवाल खड़े हुए और अब जिले के मंडलों के चुनाव पर। कुछ नेताओं ने जैतपुर मंडल अध्यक्ष के चुनाव को अवैध बताया है। उनका कहना है कि यहां सिर्फ राजीव सिंह राठौर ने ही नामांकन किया था, लेकिन अध्यक्ष कोई और बना दिया गया। इस बारे में कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस मंडल की फाइलों के कागजों में ही हेरफेर कर दी गई। ऐसे ही बाह देहात के चुनाव पर आरोप हैं। यहां तो एक पूर्व जिला महामंत्री ने ही चुनाव पर प्रश्नचिह्न लगाया है। उनका कहना है कि इस मंडल पर जितेंद्र नरवरिया को अध्यक्ष घोषित किया गया है, जबकि जिला पंचायत चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। हालांकि बाद में उनकी वापसी को हरी झंडी दे दी, लेकिन दागी को जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। एत्मादपुर क्षेत्र के मंडलों के अध्यक्ष घोषित न करने पर विवाद गहरा गया। बताया जा रहा है कि यहां निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए थे, लेकिन इनकी घोषणा नहीं की गई। इसके अलावा कई मंडलों के अध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए गए हैं। इन्हीं सब विवादों के चलते देर रात चुनाव निरस्त करने की चर्चा भी उड़ गई। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की। इन सब कारणों के चलते पार्टी में हंगामे के आसार बन रहे हैं।
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जिलाध्यक्ष चुनाव
के लिए हेरफेर!
पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंडल अध्यक्षों के नाम घोषित करने में जो हेराफेरी की गई है, उसके पीछे जिला अध्यक्ष चुनाव माना जा रहा है। एक खेमे द्वारा विरोधी खेमे के दावेदारों के डेमेज करने के लिए या तो उनके मंडलों में चुनाव नहीं कराए गए या फिर कराए भी गए तो अपनी शर्तों पर मंडल अध्यक्षों को चुना गया। ताकि जिलाध्यक्ष चुनाव में वे उनका सपोर्ट करें।
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मंडल अध्यक्ष जिला प्रतिनिधि
अछनेरा नगर विवेक सिंहल राजेंद्र कुमार
किरावली भीमसेन भगौर अवधेश चाहर
फतेहाबाद वीरेंद्र सिंह बबिता चौहान
शमसाबाद देहात हीरा सिंह -
शमसाबाद नगर संदीप गुप्ता -
खेरागढ़ सुरेश सिकरवार विजय पाल सिंह
सैंया पुरुषोत्तम त्यागी बचनेश त्यागी
बाह नगर राधेश्याम दुबे -
बाह देहात जितेंद्र नरवरिया -
जैतपुर अमित मिश्रा कमल सिंह
बरौली अहीर टीकू राम लोधी गिर्राज सिंह राजपूत
अकोला भूपेंद्र उपाध्याय धर्मसिंह वर्मा
खंदौली होशियार सिंह मुकेश गुप्ता
पिनाहट बृजेश परिहार -
मुझे किसी भी मंडल के चुनाव के विरोध में सूचना नहीं मिली है। हमने सूची जारी कर दी है। इस पर कोई विवाद नहीं है।
- राजेश चौधरी, जिला सह चुनाव अधिकारी
कोई सूची निरस्त नहीं हुई है। चुनाव अधिकारियों के माध्यम से चुनाव संपन्न कराए गए हैं। जल्द ही बाकी मंडल अध्यक्ष भी घोषित कर दिए जाएंगे।
- अशोक राना, जिलाध्यक्ष