फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Air Pollution Effects in Agra News Update: effects of air pollution on children health in agra

Agra Air Pollution: प्रदूषण से बच्चे हो रहे चिड़चिड़े, सीने में जकड़न और सांस लेने में भी परेशानी, बरतें सावधानी

Sat, 13 Nov 2021 05:22 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 13 Nov 2021 05:22 PM IST
सार

आगरा में हवा बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में लगातार बनी हुई है। वायु प्रदूषण का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ रहा है। इसके कारण बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। ऐसे में अपने बच्चों को विशेष ख्याल रखें।  

विज्ञापन
Air Pollution Effects in Agra News Update: effects of air pollution on children health in agra
बच्चे को चेकअप करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गले में खराश, सीने में जकड़न और सांस लेने में भी परेशानी। आगरा में बढ़े वायु प्रदूषण के कारण बच्चों को यह परेशानी हो रही है। इससे बच्चों की नींद-भूख प्रभावित होने से चिड़चिड़े हो रहे हें। एसएन मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभाग की ओपीडी में हर दूसरे बच्चे में यह परेशानी मिल रही है।

विज्ञापन

 
एसएन के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश्वर दयाल ने बताया कि 7-8 दिन से हवा में धूल, धुआं और कार्बन तत्व अधिक हो गया है। स्कूल जाने वाले या फिर बाहर खेलने वाले बच्चों के गले में खराश, दर्द, सीने में जकड़न की परेशानी हो रही है। गले में टोंसिल भी फूल गए हैं। 
विज्ञापन


ऐसे करीब 40 से 60 बच्चे रोज ओपीडी में आ रहे हैं। कई दिन से ऐसा होने से बच्चों में चिड़चिड़ापन भी बढ़ गया है। रोना, सुस्ती, कमजोरी जैसी भी परेशानी मिल रही है। दमा से पीड़ित बच्चों की सांस उखड़ रही है। हालत गंभीर होने पर दो से तीन बच्चों को रोजाना भर्ती कर ऑक्सीजन भी देनी पड़ रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एसएन के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि सात दिन में ओपीडी में 680 मरीज आए, इसमें से 320 मरीजों की आंखों में प्रदूषण के चलते परेशानी मिली। धूल-धुआं के कण जाने से खुजली, जलन हो रही है। आंख रगड़ने से धुंधला दिखने, कॉर्निया में दर्द हो रहा है। इनमें बच्चों की संख्या करीब 60 फीसदी है। 

सांस लेने में भी हो रही परेशानी
बोदला रोड पर रहने वाले संजय सिंह के नौ साल के बेटे को धूल से एलर्जी है। बीते दिनों से प्रदूषण बढ़ने के कारण सांस लेने में परेशानी हो रही है। नींद पूरी नहीं हो पा रही, भूख भी कम हुई है। गुस्सा करना, चिल्लाने की परेशानी भी हो रही है। एसएन में डॉक्टर को दिखाने पर प्रदूषण कम होने पर सामान्य होने की बात बताई। 

दवा व भाप देने से मिला आराम
टेढ़ी बगिया 100 फुटा पर रहने वाले प्रदीप कर्दम की 11 साल की बच्ची को दमा की परेशानी है। तीन-चार दिन से रात में घर्र-घर्र की आवाज होने, सांस लेने में परेशानी, जल्दी-जल्दी सांस लेने की परेशानी से वह चिड़चिड़ी भी हो गई। डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा और भाप देने से आराम मिला है। अब खाना भी खाने लगी है। 

ये बरतें सावधानी
- सुबह-शाम बच्चों को बाहर जाने से बचाएं। स्कूल के रास्ते में भी मास्क न उतारें।
- शाम को गर्म पानी की भाप जरूर दिलवाएं। 
- दमा से पीड़ित बच्चों की दवाएं बंद न करें। 
- दमा रोगियों की परामर्श से इन्हेलर की डोज बढ़वाएं। 
- गुनगुना पानी पीएं, ठंडी सामग्री का उपयोग न करें।
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, सर्दी से बचाएं। 
(जैसा कि डॉ. निखिल चतुर्वेदी, बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed