फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   education

सवा साल से लापता शिक्षक पर लटकी सेवा समाप्ति की तलवार

Sun, 04 Oct 2020 10:58 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2020 10:58 PM IST
विज्ञापन
education
कासगंज। जांच के लिए प्रमाणपत्र जमा नहीं करने वाले तीन शिक्षकों की खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। इनमें से एक शिक्षक सवा साल से लापता है। इस शिक्षक ने प्रमाणपत्र भी जमा नहीं किए हैं। लापता शिक्षक पर सेवा समाप्ति की तलवार लटक रही है। वहीं सात माह से लापता एक शिक्षिका नौकरी पर लौट आई है।
विज्ञापन

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तीन माह पहले जिले के विद्यालयों में तैनात 3030 शिक्षकों से नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाणपत्र मांगे थे। इनमें से तीन शिक्षकों ने प्रमाणपत्र जमा नहीं किए। इसके बाद विभाग ने तीनों का वेतन रोककर नोटिस भेज दिया। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी। कासगंज विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला गुमानी की शिक्षिका जया, टियाली के कनेसर नगला डलू के उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक आमोद ने अपने प्रमाण पत्र जमा कर दिए लेकिन सोरों विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक रणधीर सिंह ने प्रमाणपत्र जमा नहीं किए।
विज्ञापन

खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों की रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। इस रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षिका जया सात माह बाद अपने काम पर लौटी हैं लेकिन शिक्षक रणधीर न तो अपनी ड्यूटी पर लौटे और न हीं उनके द्वारा शैक्षिक एवं नियुक्ति प्रमाण पत्र जमा किए गए। अब ऐसे में विभाग ने लापता शिक्षक की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षक को नोटिस भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed