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Hathras Case: हिंसा भड़काने की साजिश के आरोपियों से पूछताछ करेगी ईडी, कोर्ट से मिली अनुमति
Wed, 14 Oct 2020 12:41 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 14 Oct 2020 12:41 AM IST
सार
- दंगा भड़काने के लिए विदेशों से सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) को मिलने वाली धनराशि के खुलासे की जांच के लिए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम मथुरा में डेरा डाले हुए हैं।
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सीजेएम कोर्ट के बाहर ईडी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाथरस कांड के बाद मथुरा से गिरफ्तार किए गए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के चार सदस्यों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पूछताछ करेगी। ये चारों यहां अस्थायी जेल में बंद हैं। इन पर विदेशी फंडिंग से हिंसा भड़ाकाने की साजिश रचने का आरोप है।
ईडी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में दो प्रार्थना पत्र दिए थे, जिनमें संदिग्धों से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने तथा जेल में कभी भी आरोपियों से पूछताछ करने की इजाजत मांगी थी। न्यायालय ने दोनों प्रार्थना पत्रों को मंजूरी दे दी।
संबंधित खबर- हाथरस कांड: गिरफ्तार संदिग्धों को लेकर सामने आई चौंकाने वाली जानकारी, शाहीनबाग और एएमयू से जुड़े तार
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पांच अक्तूबर को स्विफ्ट कार में हाथरस जा रहे चार संदिग्ध युवकों को यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल प्लाजा पर पकड़ा गया था। पकड़े गए युवकों में अतीकुर्रहमान निवासी मुजफ्फरनगर, आलम निवासी रामपुर, सिद्दीक निवासी केरल, मसूद निवासी बहराइच शामिल हैं।
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ईडी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में दो प्रार्थना पत्र दिए थे, जिनमें संदिग्धों से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने तथा जेल में कभी भी आरोपियों से पूछताछ करने की इजाजत मांगी थी। न्यायालय ने दोनों प्रार्थना पत्रों को मंजूरी दे दी।
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पांच अक्तूबर को स्विफ्ट कार में हाथरस जा रहे चार संदिग्ध युवकों को यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल प्लाजा पर पकड़ा गया था। पकड़े गए युवकों में अतीकुर्रहमान निवासी मुजफ्फरनगर, आलम निवासी रामपुर, सिद्दीक निवासी केरल, मसूद निवासी बहराइच शामिल हैं।
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पुलिस ने उनके कब्जे से स्मार्टफोन और लैपटॉप बरामद किए थे। पुलिस का दावा है कि जांच में पता चला कि पकड़े गए युवक सीएफआई के सदस्य हैं और विदेशों से फंडिंग कर देश में दंगा फैलाने की साजिश रच रहे थे। वे हाथरस भी इसी उद्देश्य से जा रहे थे।
इन सबूतों के मिलने के बाद पुलिस ने अगली कड़ी के रूप में उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराकर जेल में भेज दिया। उधर, हिंसा भड़काने के लिए विदेशों से मिलने वाली धनराशि के खुलासे की जांच के लिए ईडी की टीम ने सोमवार को मथुरा में डेरा डाल दिया।
अस्थाई जेल में बंद सीएफआई के चार सदस्यों से पूछताछ के लिए ईडी की टीम ने सीजेएम कोर्ट में आवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। अदालत ने ईडी को आरोपियों से पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। ईडी की 10 सदस्यीय टीम मथुरा में डेरा डाले हैं।
न्यायालय के सहायक अभियोजन अधिकारी जलज कुमार ने बताया कि ईडी की ओर से दो प्रार्थना पत्रों को कोर्ट ने मंजूरी दी गई है। एक पत्र में संदिग्धों से संबंधित सभी कागजात उपलब्ध कराने तथा दूसरे में जेल में कभी भी संदिग्धों से पूछताछ करने की मंजूरी मांगी गई थी।
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इन सबूतों के मिलने के बाद पुलिस ने अगली कड़ी के रूप में उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराकर जेल में भेज दिया। उधर, हिंसा भड़काने के लिए विदेशों से मिलने वाली धनराशि के खुलासे की जांच के लिए ईडी की टीम ने सोमवार को मथुरा में डेरा डाल दिया।
अस्थाई जेल में बंद सीएफआई के चार सदस्यों से पूछताछ के लिए ईडी की टीम ने सीजेएम कोर्ट में आवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। अदालत ने ईडी को आरोपियों से पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। ईडी की 10 सदस्यीय टीम मथुरा में डेरा डाले हैं।
न्यायालय के सहायक अभियोजन अधिकारी जलज कुमार ने बताया कि ईडी की ओर से दो प्रार्थना पत्रों को कोर्ट ने मंजूरी दी गई है। एक पत्र में संदिग्धों से संबंधित सभी कागजात उपलब्ध कराने तथा दूसरे में जेल में कभी भी संदिग्धों से पूछताछ करने की मंजूरी मांगी गई थी।
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