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Agra News: ताइक्वांडो प्रतियोगिता में होगी ई-स्कोरिंग

Mon, 06 Jul 2026 02:33 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 02:33 AM IST
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E-scoring to be used in Taekwondo competition.
आगरा। स्कूल खेल ताइक्वांडो की 70वीं उत्तर प्रदेशीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता गोरखपुर में आयोजित होगी। आयोजन का संभावित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। सभी प्रतियोगिताएं वर्ल्ड ताइक्वांडो की ओर से एक जनवरी 2026 से लागू नए नियमों के तहत आयोजित की जाएंगी। इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग सिस्टम (ईएसएस) और प्रोटेक्टिव स्कोरिंग सिस्टम (पीएसएस) का भी उपयोग होगा।
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जनपदीय माध्यमिक विद्यालय बालक ताइक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज, यमुना किनारा और बालिका प्रतियोगिता श्री केदारनाथ सेकसरिया कन्या इंटर कॉलेज, बेलनगंज में 28 एवं 29 सितंबर को संभावित है। इसके बाद आगरा मंडलीय बालक एवं बालिका ताइक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन आगरा में 5 या 6 अक्तूबर को प्रस्तावित है।
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राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की अंडर-14 वर्ष बालक ताइक्वांडो प्रतियोगिता नगालैंड के दीमापुर में 14 से 18 दिसंबर तक संभावित है। अंडर-14 वर्ष बालिका प्रतियोगिता हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में, अंडर-17 वर्ष बालक एवं बालिका प्रतियोगिता जम्मू-कश्मीर के जम्मू में एक से पांच दिसंबर तक व अंडर-19 वर्ष बालक एवं बालिका प्रतियोगिता झारखंड के रांची में दिसंबर के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित है।
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अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रशिक्षक मास्टर पंकज शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिला एवं मंडलीय प्रतियोगिताओं का संचालन इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग सिस्टम (ईएसएस) और प्रोटेक्टिव स्कोरिंग सिस्टम (पीएसएस) के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी एलईडी स्क्रीन पर मुकाबलों का लाइव स्कोर प्रदर्शित होगा, जिससे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और दर्शकों को हर अंक की जानकारी तत्काल मिल सकेगी।

बताया कि पीएसएस आधुनिक ताइक्वांडो की ऐसी तकनीक है, जिसका उपयोग ओलंपिक सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किया जाता है। खिलाड़ियों के चेस्ट गार्ड, हेड गियर और पैरों में पहने जाने वाले विशेष सेंसरयुक्त उपकरण ब्लूटूथ तकनीक के माध्यम से कार्य करते हैं। निर्धारित शक्ति के साथ किए गए प्रहार या किक का संकेत तुरंत कंप्यूटर तक पहुंचता है और अंक स्वतः दर्ज होकर एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से मानवीय त्रुटियों की संभावना समाप्त होती है, निर्णयों में पारदर्शिता बढ़ती है और प्रतियोगिता पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होती है।
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