फतेहपुर सीकरी। हजरत ख्वाजा सूफी शमसुद्दीन शाह अजहरी के 50वें सालाना चार दिवसीय उर्स के तीसरे दिन बुधवार को कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। उलमा-ए-कराम ने कुरआन पाक की तिलावत की। मंगलवार देर रात दरगाह परिसर में महफिल ए समा का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों अकीदतमंदों ने सूफियाना कव्वाली का आनंद लिया।
महफिले समा में कव्वालों ने मोहे अपने ही रंग में रंग दे या ख्वाजा शमसुद्दीन पिया, बिना रंगवाए मैं तो घर नहीं जाऊंगी, बीत जाए चाहे सारी उमरिया सहित कई कलाम पेश किए। कुल शरीफ के दौरान विभिन्न रस्में भी अदा की गईं। उर्स में दिल्ली, ग्वालियर, भिंड, कोंच, इटावा, औरैया, फिरोजाबाद, आगरा और राजस्थान के सीकर समेत कई जनपदों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। कार्यक्रम में सूफी राजा कमर, समीर कमर, शाहरुख कमर, डॉ. सुल्तान, डॉ. तबरेज, फैजुद्दीन कमर आदि सूफीजन मौजूद रहे। दरगाह के सज्जादानशीन हजरत ख्वाजा सूफी कमरुद्दीन शाह लियाकती शम्सी मियां के जेरे साया उर्स की सभी रस्में अदा की गईं। चार दिवसीय उर्स में देश के विभिन्न राज्यों से आए अकीदतमंदों ने भाग लेकर दरगाह पर चादरपोशी और दुआ की।