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Agra News: चौकी प्रभारी की जिद से छूट गई व्यापारी की ट्रेन, टिकट दिखाने पर भी नहीं छोड़ा
Tue, 20 Aug 2024 08:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 20 Aug 2024 08:43 AM IST
सार
खोखा हटवाने के विवाद में भाई और भतीजे सहित हवालात में जिस व्यापारी को डाल दिया गया था। व्यापारी के टिकट दिखाने पर भी नहीं छोड़ा। तीन घंटे बाद कराया समझौता।
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agra police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में खोखा हटाने के विवाद में पुलिस चौकी पर भाई की मदद के लिए जाना एक व्यापारी को भारी पड़ गया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने जिद पूरी करने के लिए भाई और भतीजे के साथ उन्हें भी बंद कर दिया। व्यापारी को देवी दर्शन के लिए परिवार सहित जाना था। उनके छूटने के इंतजार में परिवार के लोग भी बैठ रहे। पुलिस ने जब तक छोड़ा, तब तक ट्रेन छूट चुकी थी। मंगलवार को पीड़ित पुलिस आयुक्त से मिलकर चौकी प्रभारी की शिकायत करेंगे।
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सेक्टर-1 निवासी रूप कुमार अधानी का लोहामंडी में बिजली उपकरण का व्यापार है। वह बाजार कमेटी के सदस्य भी हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को देवी दर्शन के लिए ट्रेन से परिवार सहित जाना था। इसकी तैयारी में लगे हुए थे। बड़े भाई सुरेश कुमार की जीवनी ज्योति नर्सिंग होम के पास दुकान है। इसके सामने एक खोखा लगता है। वह उसकी शिकायत कर चुके हैं। सुबह 10 बजे खोखे वाले से भाई का विवाद हो गया। खोखा संचालक ने पुलिस बुला ली। वह भाई और भतीजे को आवास विकास चौकी पर ले गए। इसका पता चलने पर वह भी पहुंच गए।
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उन्हें बताया कि अतिक्रमण की शिकायत नगर निगम में कई बार कर चुके हैं। उनके सुनवाई नहीं करने पर भतीजे का सलाह दी कि वह आईजीआरएस पर शिकायत करें। यह बात चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार को बुरी लग गई। वह तीनों के साथ दूसरे पक्ष के दो लोगों को थाना जगदीशपुरा ले गए। हवालात में डाल दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनकी ट्रेन है। टिकट भी दिखाईं।
मगर, दरोगा नहीं माने। इस कारण टूंडला स्टेशन से ट्रेन छूट गई। परिवार के अन्य 4 लोग भी नहीं जा सके। 15 हजार का नुकसान हो गया। रात 1 बजे के बाद छोड़ा गया। समझौता भी लिखा लिया। दरोगा की जिद की वजह से यह सब हुआ। मंगलवार को पूरे प्रकरण से पुलिस आयुक्त को अवगत कराएंगे। दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
उधर, एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इस पर पीआरवी लाई थी। पुलिस से अभद्रता कर रहे थे। इस पर थाने भेजे गए थे। हवालात में डालने की बात गलत है। रात में दोनों पक्षाें ने समझौता कर लिया। इस पर छोड़े गए थे।