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ऑन डिमांड नशे का कारोबार
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 04 Jan 2015 02:07 AM IST
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फव्वारा स्थित एक मेडिकल स्टोर से नशे का कारोबार किया जा रहा था। ऑन डिमांड यहां से इंजेक्शन की डिलीवरी की जाती थी। थाना हरीपर्वत पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर के कर्मचारी को दबोचा तो इसका खुलासा हुआ। उसके पास से 120 इंजेक्शन बरामद हुए। मेडिकल स्टोर संचालक भाग निकला। मामले में मेडिकल स्टोर मालिक और कर्मचारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, फव्वारा मार्केट में अनिल अग्रवाल के वैश्य मेडिकल स्टोर से नशे के इंजेक्शन अवैध रूप से बेचने की जानकारी मिली। नशे के सौदागर को रंगे हाथ दबोचने के लिए शुक्रवार की शाम को पुलिस ने जाल बिछाया। मेडिकल स्टोर के कर्मचारी हींग की मंडी निवासी कादिर खां को पुलिस ने संजय प्लेस के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह इन इंजेक्शन की डिलीवरी देने जा रहा था। मेडिकल स्टोर पर आर्डर दिया जाता है। इसके बाद दुकानदार उसे डिलीवरी के लिए भेजता है। स्टोर पर इनकी बिक्री नहीं की जाती। ड्रग इंस्पेक्टर आरसी यादव ने बताया कि पकड़े गए इंजेक्शन दो तरह के हैं, जो दर्द निवारक दवाओं के रूप में इस्तेमाल होते हैं। दोनों इंजेक्शनों को मिलाकर ड्रग एडिक्ट सेवन करते हैं। इंस्पेक्टर हरीपर्वत ने बताया कि मेडिकल स्टोर मालिक फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
डाक्टर की सलाह पर ही दिया जाता है मरीज को
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि बरामद दवा चिकित्सक की सलाह पर डाक्टर के सामने ही दिया जाता है। इस दवा रक्त संचार बहुत तेज हो जाता है। ये दवा स्ट्रायड की तरह काम करती है।
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पुलिस के अनुसार, फव्वारा मार्केट में अनिल अग्रवाल के वैश्य मेडिकल स्टोर से नशे के इंजेक्शन अवैध रूप से बेचने की जानकारी मिली। नशे के सौदागर को रंगे हाथ दबोचने के लिए शुक्रवार की शाम को पुलिस ने जाल बिछाया। मेडिकल स्टोर के कर्मचारी हींग की मंडी निवासी कादिर खां को पुलिस ने संजय प्लेस के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह इन इंजेक्शन की डिलीवरी देने जा रहा था। मेडिकल स्टोर पर आर्डर दिया जाता है। इसके बाद दुकानदार उसे डिलीवरी के लिए भेजता है। स्टोर पर इनकी बिक्री नहीं की जाती। ड्रग इंस्पेक्टर आरसी यादव ने बताया कि पकड़े गए इंजेक्शन दो तरह के हैं, जो दर्द निवारक दवाओं के रूप में इस्तेमाल होते हैं। दोनों इंजेक्शनों को मिलाकर ड्रग एडिक्ट सेवन करते हैं। इंस्पेक्टर हरीपर्वत ने बताया कि मेडिकल स्टोर मालिक फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
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डाक्टर की सलाह पर ही दिया जाता है मरीज को
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि बरामद दवा चिकित्सक की सलाह पर डाक्टर के सामने ही दिया जाता है। इस दवा रक्त संचार बहुत तेज हो जाता है। ये दवा स्ट्रायड की तरह काम करती है।
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