आगरा: नौ राज्यों में तस्करी करने वाले जयपुरिया गैंग का सरगना गिरफ्तार, नशे की दवाओं की खेप मिली
- जयपुरिया गैंग का सरगना है पंकज, गोदाम से मिली थीं चार करोड़ की दवाएं
विस्तार
आगरा से नौ राज्यों में दवा तस्करी करने वाले जयपुरिया गैंग के सरगना पंकज गुप्ता को पुलिस ने रविवार रात दस बजे खंदारी से गिरफ्तार कर लिया। वह नशे की दवाएं लेकर स्कूटी से जा रहा था। उसने पूछताछ में गिरोह के कुछ और सदस्यों के नाम बताए हैं। पुलिस को यह भी पता चला है कि शहर के कई मेडिकल स्टोरों पर वह तस्करी की दवाएं बेचता था।
कमला नगर निवासी पंकज गुप्ता उर्फ चंद्रकांत गुप्ता उर्फ पेंटा की तलाश पुलिस को दो महीने से थी। उसके घर और गोदाम पर 20 दिसंबर 2020 को छापा पड़ा था। वहां से चार करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की गई थी। इनमें नशे की दवाएं, सरकारी सप्लाई की दवाएं थीं। वह पहले जयपुरिया गैंग का सदस्य था। सरगरना प्रमोद जयपुरिया था।
उसके जेल जाने के बाद गैंग का सरगना पंकज बन गया। उसके खिलाफ कमला नगर थाना में केस दर्ज है। इसकी विवेचना न्यू आगरा थाना पुलिस कर रही है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि उसे न्यू आगरा थाना पुलिस ने पकड़ा है। उससे बरामद दवाओं की पड़ताल ड्रग विभाग करेगा।
काले कारोबार में पूरा परिवार शामिल
दवा तस्करी के काले कारोबार में पंकज का पूरा शामिल है। बेटा अमन और भाई सूर्यकांत पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पत्नी रिचा, बेटी अकांक्षा और श्रुति फरार चल रही हैं। बेटे अमन ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि सरकारी सप्लाई की दवाओं की रीपैकिंग घर पर ही की जाती थी। इसमें मां और बहनें भी साथ देतीं थीं। ये तस्करों को सप्लाई भी देने जातीं थीं।
गिरोह में 20 से ज्यादा सदस्य
पंकज गुप्ता के गिरोह में 20 से अधिक सदस्य हैं। संजीव गुप्ता, नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू, धीरज रघुनानी और मन्नत करीरा पहले ही पकड़े जा चुके हैं। मन्नत करीरा का पति अनिल सिंधी, हरप्रीत, अमित मित्तल सहित 15 और सदस्य हैं। पंकज पांच साल से दवा की तस्करी कर रहा है। वह भ्रूण लिंग की जांच करने वाली किटों की भी तस्करी करता है।
अरोड़ा, जयपुरिया, राजौरा गैंग पर शिकंजा
इन दिनों पुलिस और ड्रग विभाग तीन गिरोहों पर शिकंजा कस रहा है। ये हैं अरोड़ा गैंग, जयपुरिया गैंग और राजौरा गैंग। अरोड़ा गैंग के विक्की और कपिल अरोड़ा पंजाब और हरियाणा सहित आठ राज्यों में नशे की दवाइयों की तस्करी करते हैं। पंकज गुप्ता का जयपुरिया गैंग नशे की दवाइयों की तस्करी के साथ सरकारी दवाइयों को फिर से पैक कर बेचता है। राजौरा गैंग नकली दवाएं तैयार कराता है और एक्सपायर दवाओं को फिर से पैक कर बेचता है।