आगराः कोरोना वायरस के चलते महंगी हुईं दवाएं, खांसी-बुखार की गोलियों के दाम दस गुना बढ़े
कोरोना वायरस से बचाव के लिए आइवरमेक्टिन, मल्टी विटामिन, एंटी एलर्जिक, एंटी कोल्ड, विटामिन सी और दो एंटीबायोटिक दवाओं
की मांग बढ़ी, इस पर इनकी कीमत में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी। विक्रेता इनकी कमी होने का हवाला देकर बढ़ी कीमत पर बेच
रहे हैं।
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अब पैथोलॉजी जांच, ऑपरेशन के साथ दवाएं भी महंगी हो गई हैं। कोरोना वायरस के मरीज तेजी से बढ़ने पर थर्मामीटर, ऑक्सीमेट्री, ग्लव्स, ग्लूकोमीटर समेत अन्य सर्जिकल सामान की मांग दस गुना हो गई है। ऐसे में इनकी भी बढ़ी हुई कीमत ली जा रही है।
कोरोना वायरस का कहर इस महीने चरम पर रहा। हर रोज 100 से अधिक मरीज मिले। इससे लोग सतर्क हुए और आवश्यक दवाएं और उपकरण की खरीद की। इसमें सबसे ज्यादा बुखार, खांसी, जुकाम, खराश की दवाएं और सर्जिकल सामान में ऑक्सीमेट्री, थर्मामीटर, ग्लव्स, बीपी मापक और ग्लूकोमीटर की 10 से 15 गुना मांग रही।
इसका फायदा उठाते हुए विक्रेताओं ने इनके दाम 10 से 25 फीसदी बढ़ा दिए। आगरा फार्मा एसोसिएशन के महामंत्री महेश अग्रवाल ने बताया कि जुलाई-अगस्त में इनकी कीमत स्थिर थी, सितंबर में मांग बढ़ने पर कंपनियों ने कीमत बढ़ा दी। सैनिटाइजर जरूर सस्ता हुआ है।
कोरोना वायरस से बचाव वाली दवाओं में 25 फीसदी की बढ़ोतरी
कोरोना वायरस से बचाव के लिए आइवरमेक्टिन, मल्टी विटामिन, एंटी एलर्जिक, एंटी कोल्ड, विटामिन सी और दो एंटीबायोटिक दवाओं की मांग बढ़ी, इस पर इनकी कीमत में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी। विक्रेता इनकी कमी होने का हवाला देकर बढ़ी कीमत पर बेच रहे हैं।
एमआरपी से अधिक वूसली तो लाइसेंस होगा निरस्त: राजकुमार शर्मा
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने कहा कि दवाओं और कफ सीरप की बाजार में कमी नहीं है। अगर कोई विक्रेता एमआरपी से अधिक कीमत ले रहा है तो उनकी दुकान का लाइसेंस निरस्त होगा। लोग कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।