फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Drug Department Fail To Investigation Of Firm Latest News

नशे का कारोबार: दवा माफिया की फर्मों की जानकारी जुटाने में नाकाम ड्रग विभाग

Wed, 05 Aug 2020 12:12 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 05 Aug 2020 12:12 AM IST
सार

  • पंजाब पुलिस को देनी है जानकारी
  • किन फर्म से करता था व्यापार, कहां से की गई खरीद

विज्ञापन
Drug Department Fail To Investigation Of Firm Latest News
गिरफ्तार किए गए दवा कारोबारी जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा और कपिल अरोड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ड्रग विभाग अभी तक दवा माफिया जितेंद्र (विक्की) अरोड़ा-कपिल अरोड़ा की एक ही फर्म की जानकारी कर पाया है। उसकी फर्म कृष्णा एजेंसी 2017 में पंजीकृत हुई है, जबकि वह करीब 15-20 साल से दवा का कारोबार कर रहा है। इससे लगता है कि उसकी कोई अन्य फर्म भी हो सकती है।
विज्ञापन


पंजाब पुलिस ने दवा माफिया की फर्म की जानकारी मांगी है। इस फर्म का लाइसेंस, नाम समेत अन्य रिपोर्ट तैयार रखने को कहा है। जल्द पंजाब पुलिस आगरा में दवा माफिया को लेकर दोबारा जांच करने के लिए आ सकती है।
विज्ञापन


ड्रग विभाग 10 दिन में दवा माफिया की एक फर्म कृष्णा एजेंसी की ही जानकारी कर पाया है। पंजाब पुलिस ने इस फर्म की रिपोर्ट बनाने को कहा है। ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि दवा माफिया की एक फर्म की जानकारी मिली है, इसकी रिपोर्ट बना रहे हैं। पंजाब पुलिस को इसकी जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जय हनुमान फार्मा पर एफआईआर दर्ज नहीं
पंजाब पुलिस ने आगरा गैंग के एक और फर्म जय हनुमान फार्मा संजय प्लेस की जांच करने को कहा था। ड्रग विभाग के छापे में यह गोदाम बंद मिला, इसका मालिक राजपुर चुंगी निवासी मयंक जैन है।

उसने टीम को बताया कि इसे पीपलमंडी निवासी लाखन सिंह को किराए पर दिया था। टीम की जांच में यह पता और व्यक्ति नहीं मिला। इस मामले में भी अभी तक ड्रग विभाग ने थाने मेें एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। 

घूसखोरी प्रकरण में आरटीआई से मांगा जवाब
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन ने डीएम के यहां आरटीआई से ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा पर घूसखोरी मामले की जांच अभी तक क्या कार्रवाई हुई है इसकी जानकारी मांगी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि दवा व्यापारी से 35 लाख रुपये की घूस मांगने का ऑडियो-वीडियो वायरल होने पर तत्कालीन डीएम एनजी रवि कुमार ने सीडीओ को जांच सौंपी थी, इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा और बृजेश यादव पर आरोप लगे थे। 

मामले की कर रहे हैं जांच
सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन का कहना है कि नशे के कारोबार की जांच ड्रग इंस्पेक्टर से करा रहे हैं। इसमें क्या प्रगति हुई है, इसकी अपडेट रिपोर्ट पता करता हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed