फर्जी फर्म से हो रहा था नशे की दवाओं का कारोबार, न दुकान का पता, न गोदाम का
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आगरा में दवा माफिया फर्जी फर्म बनाकर नशे का कारोबार कर रहे हैं। एक-दो साल में करोड़ों की दवाओं की बिलिंग करने के बाद इसे बंद कर दिया जाता है। पूर्व में भी तीन फर्म फर्जी पाई गईं थीं, इनके कार्यालय का पता भी फर्जी था।
पंजाब में पकड़ी गई नशे की 1.50 लाख दवाओं के पैकेट को आगरा के जय हनुमान फार्मा के नाम से बिलिंग हुई। इस कंपनी के मालिक लाखन सिंह निवासी पीपलमंडी का पता भी फर्जी मिला है। इस फर्म के खरीद-फरोख्त का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।
यह गोदाम भी तीन-चार महीने पहले ही बंद कर गया था। ऐसे ही यमुनापार में मारवा ट्रांसपोर्ट कंपनी पर जब्त की गई दवाएं और निबोहरा में पकड़े गए मीकासिन इंजेक्शन को भेजने वाली फर्म भी फर्जी पाई गई। इन इंजेक्शन को लेकर जा रहे चार लोगों को पकड़ा था। यह इंजेक्शन कर्मयोगी कमला नगर निवासी ड्रग माफिया के बताए गए थे।
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ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि फर्म जय हनुमान फार्मा फर्जी प्रतीत हो रही है, इसकी जांच कराई जा रही है, स्थानीय पुलिस को भी जानकारी दी गई है। पूर्व में भी फर्म फर्जी मिली, जिनके लाइसेंस निरस्त करने के साथ मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
दोबारा आएगी पंजाब पुलिस, गोदामों से हटाया गया माल
आगरा गैंग के दो सदस्य पकड़ में आने के बाद दवा माफिया में हड़कंप है। पंजाब पुलिस की पूछताछ में नौ लोगों के नाम सामने आए हैं। इनकी पकड़ के लिए जल्द पुलिस आगरा में दबिश देगी।
इसी के चलते फर्जी फर्म और दवा माफिया गोदाम खाली कर रहे हैं। दवा बाजार फव्वारा में सोमवार को कई गोदाम और स्टोर बंद रहे, जिन पर पूर्व में पंजाब पुलिस, नारकोटिक्स टीम ने छापा मारा था। इनकी जांच भी चल रही है।
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