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सड़कों पर 999 रुपये में बनाए जा रहे ड्राइविंग लाइसेंस
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आगरा। प्रशिक्षु ड्राइविंग लाइसेंस 999 रुपये में बनवाने का सड़क पर एलान किया जा रहा है। इसमें टेस्ट पास कराकर लाइसेंस देने का ठेका लिया जा रहा है। फेसलेस सुविधा होने के बाद आरटीओ के बाहर अनधिकृत जन सुविधा केंद्रों की संख्या 15 से ज्यादा हो गई है, जबकि कोई भी लाइसेंस बगैर आरटीओ के लाइसेंस पटल की रिपोर्ट के नहीं बनाया जा सकता है।
परिवहन विभाग ने आरटीओ में लोगों को दलालों के चंगुल से बचाने के लिए जनवरी 2022 से फेसलेस लर्निंग लाइसेंस की सुविधा शुरू की है। अब इसका फायदा आम लोगों की जगह जन सुविधा केंद्रों के नाम से दुकान चलाने वाले उठाने लगे हैं। मारुति एस्टेट चौराहे पर ड्राइविंग लाइसेंस सुविधा केंद्र का बैनर लगाया गया है। इसके साथ ही माइक पर यह एलान किया जा रहा है कि वह घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। आपको सिर्फ दिए हुए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करना है। इसमें पास कराने की गारंटी भी दी जा रही है।
आरटीओ के बाहर एनआईसी से अधिकृत आठ जन सुविधा केंद्र हैं, जिन्हें एनआईसी से कोड मिला हुआ है। आरटीओ पीके सिंह ने बताया कि एडीए की दुकानें हैं। कोई भी दुकान खोल सकता है मगर एनआईसी से अधिकृत आठ सेंटर हैं। कुछ धुआं जांच केंद्र भी खुले हुए हैं। इनमें अगर किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद ऑनलाइन ही टेस्ट देना होता है। आरटीओ में दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद टेस्ट लिया जाता है, इसमें टेस्ट का रिजल्ट भी देखा जाता है। अगर टेस्ट के दौरान किसी तरह की आवाज या नकल प्रतीत होती है तो वायलेशन का संदेश आता है और आवेदन निरस्त कर दिया जाता है।
अगर चौराहे पर इस तरह एनाउंसमेंट करके लर्निंग लाइसेंस बनवाने की बात कही जा रही है तो यह गलत है। इस तरह के साक्ष्य मिलने पर संबंधित के केंद्र या व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - एके सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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परिवहन विभाग ने आरटीओ में लोगों को दलालों के चंगुल से बचाने के लिए जनवरी 2022 से फेसलेस लर्निंग लाइसेंस की सुविधा शुरू की है। अब इसका फायदा आम लोगों की जगह जन सुविधा केंद्रों के नाम से दुकान चलाने वाले उठाने लगे हैं। मारुति एस्टेट चौराहे पर ड्राइविंग लाइसेंस सुविधा केंद्र का बैनर लगाया गया है। इसके साथ ही माइक पर यह एलान किया जा रहा है कि वह घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। आपको सिर्फ दिए हुए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करना है। इसमें पास कराने की गारंटी भी दी जा रही है।
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आरटीओ के बाहर एनआईसी से अधिकृत आठ जन सुविधा केंद्र हैं, जिन्हें एनआईसी से कोड मिला हुआ है। आरटीओ पीके सिंह ने बताया कि एडीए की दुकानें हैं। कोई भी दुकान खोल सकता है मगर एनआईसी से अधिकृत आठ सेंटर हैं। कुछ धुआं जांच केंद्र भी खुले हुए हैं। इनमें अगर किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद ऑनलाइन ही टेस्ट देना होता है। आरटीओ में दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद टेस्ट लिया जाता है, इसमें टेस्ट का रिजल्ट भी देखा जाता है। अगर टेस्ट के दौरान किसी तरह की आवाज या नकल प्रतीत होती है तो वायलेशन का संदेश आता है और आवेदन निरस्त कर दिया जाता है।
अगर चौराहे पर इस तरह एनाउंसमेंट करके लर्निंग लाइसेंस बनवाने की बात कही जा रही है तो यह गलत है। इस तरह के साक्ष्य मिलने पर संबंधित के केंद्र या व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - एके सिंह, एआरटीओ प्रशासन