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आचार संहिता के पेंच में 'अटका' पीने का पानी, भीषण गर्मी में प्यास बुझाने को जूझ रहे लोग
Mon, 20 May 2019 11:23 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 20 May 2019 11:23 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एटा जिले में गर्मी के साथ पेयजल संकट भी बढ़ता जा रहा है। जिले के तमाम ग्राम पंचायतों में लगाई गईं पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। कहीं पाइपलाइन टूटने, तो कहीं ऑपरेटर की तैनाती न होने से लोगों को पेयजल नहीं मिल पा रहा है। ओवरहैड टैंक सफेद हाथी बने हुए हैं। आचार संहिता के पेंच में लोगों की प्यास फंस गई है।
जिले की ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए कुछ साल पहले ग्रामीण पाइप्ड पेयजल परियोजनाएं शुरू की गई थीं। गांवों में ओवरहैड टैंक के साथ पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति देने की व्यवस्था की गई, मगर परियोजनाएं संसाधनों के अभाव में अधर में लटकी रहीं।
अब गर्मियों में फिर से ग्रामीणों को पानी की चिंता सताने लगी है। जिले में 20 से अधिक ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल है। कहीं ऑपरेटर तैनात नहीं है, तो कहीं पाइप लाइन टूटी पड़ी है। कई ग्राम पंचायतों में परियोजना के ओवरहैड टैंक रिबोर होने हैं।
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मौजूदा दौर में चुनाव आचार संहिता के चलते पेयजल परियोजनाओं को दुरुस्त करने का काम अटका हुआ है। लोगों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। सीडीओ ने सभी ग्राम पंचायतों में 30 मई तक पेयजल परियोजनाओं को दुरुस्त कर चालू करने के निर्देश दिए हैं।
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जिले की ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए कुछ साल पहले ग्रामीण पाइप्ड पेयजल परियोजनाएं शुरू की गई थीं। गांवों में ओवरहैड टैंक के साथ पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति देने की व्यवस्था की गई, मगर परियोजनाएं संसाधनों के अभाव में अधर में लटकी रहीं।
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अब गर्मियों में फिर से ग्रामीणों को पानी की चिंता सताने लगी है। जिले में 20 से अधिक ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल है। कहीं ऑपरेटर तैनात नहीं है, तो कहीं पाइप लाइन टूटी पड़ी है। कई ग्राम पंचायतों में परियोजना के ओवरहैड टैंक रिबोर होने हैं।
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मौजूदा दौर में चुनाव आचार संहिता के चलते पेयजल परियोजनाओं को दुरुस्त करने का काम अटका हुआ है। लोगों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। सीडीओ ने सभी ग्राम पंचायतों में 30 मई तक पेयजल परियोजनाओं को दुरुस्त कर चालू करने के निर्देश दिए हैं।
पंचायतीराज निदेशक दे चुके हैं निर्देश
ग्रामीण पाइप्ड लाइन पेयजल परियोजना को लेकर पंचायतीराज निदेशक ने पिछले दिनों निर्देश दिए थे। उन्होंने हर ग्राम पंचायत को वर्ष 2019-20 की कार्ययोजना में पेयजल परियोजना को दुरुस्त कराने का काम प्रस्तावित कराने को कहा है।
- जिले में 58 ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं हैं।
- 20 ग्राम पंचायतों में परियोजनाएं बंद पड़ीं।
- 15 परियोजनाओं पर ऑपरेटर की तैनाती नहीं है।
- 30 मई तक परियोजनाओं को दुरुस्त कराने के निर्देश।
इस संबंध में सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने बताया कि ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायतों में जल्द से जल्द पानी की किल्लत को दूर कराया जाएगा।
- जिले में 58 ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं हैं।
- 20 ग्राम पंचायतों में परियोजनाएं बंद पड़ीं।
- 15 परियोजनाओं पर ऑपरेटर की तैनाती नहीं है।
- 30 मई तक परियोजनाओं को दुरुस्त कराने के निर्देश।
इस संबंध में सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने बताया कि ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायतों में जल्द से जल्द पानी की किल्लत को दूर कराया जाएगा।